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पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत सरकार की नजर, 52 हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे

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नई दिल्ली, 07 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विशेष रूप से वहां फंसे भारतीय नागरिकों के कल्याण को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में कुछ भारतीय नागरिक ट्रांजिट के दौरान या अल्प अवधि के दौरे पर वहां फंस गए थे, जिनकी सहायता के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

मंत्रालय के अनुसार क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अपने स्थान पर स्थित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है। इन देशों में स्थित भारत के सभी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने विस्तृत परामर्श जारी किए हैं तथा 24 घंटे संचालित होने वाली हेल्पलाइन भी स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से वर्तमान स्थिति से उत्पन्न समस्याओं के समाधान में सहायता दी जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और प्राप्त होने वाले प्रश्नों तथा सहायता अनुरोधों का जवाब दे रहा है। मंत्रालय ने बताया कि सभी हेल्पलाइन से संबंधित विस्तृत जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद भारतीय और विदेशी विमानन कंपनियों ने वाणिज्यिक उड़ानों के साथ-साथ कुछ विशेष उड़ानों का संचालन भी शुरू किया है, जिससे वहां ट्रांजिट में फंसे या अल्पकालिक यात्रा पर गए भारतीय नागरिकों की वापसी संभव हो सकी है।

सरकार के अनुसार एक से सात मार्च के बीच अब तक 52 हजार से अधिक भारतीय खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। इनमें से 32,107 यात्रियों ने भारतीय विमानन कंपनियों की उड़ानों से यात्रा की है। आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानों के संचालन की योजना बनाई गई है, ताकि शेष लोगों की वापसी भी सुनिश्चित की जा सके।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिन देशों में अभी वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन उपलब्ध नहीं है, वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को निकटतम उपलब्ध उड़ानों की जानकारी और आवश्यक सलाह के लिए संबंधित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

सरकार ने दोहराया कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में क्षेत्र के विभिन्न देशों की सरकारों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है, ताकि जरूरतमंद भारतीयों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार