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भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर इसी साल हस्ताक्षर होने की उम्मीद: राधाकृष्णन

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भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर इसी साल हस्ताक्षर होने की उम्मीद: राधाकृष्णन


नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को उम्मीद जताई कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर इस साल हस्ताक्षर हो जाएंगे। उन्होंने इसे ‘सभी समझौतों की जननी’ करार देते हुए समझौते को अंतिम रूप देने में यूरोपीय संसद से आवश्यक सहयोग मांगा।

राधाकृष्णन ने संसद भवन में यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति (एएफईटी) के अध्यक्ष डेविड मैकलिस्टर के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने दोनों पक्षों के नेतृत्व को इन संबंधों को आगे बढ़ाने का श्रेय दिया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों और खुले बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और यूरोपीय संघ विविधतापूर्ण एवं बहुलतावादी समाज हैं। दोनों का एक मजबूत और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में साझा हित है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के नेतृत्व में पूरे सरकारी तंत्र की भागीदारी के साथ हुए दौरे के बाद दोनों पक्षों के बीच संस्थागत संबंध मजबूत हुए हैं और इनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

राधाकृष्णन ने कहा कि यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्षों ने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। इसके बाद 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के लिए उनकी राजकीय यात्रा से दोनों पक्षों की साझेदारी को काफी गति मिली।

व्यापार एवं निवेश पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ का संयुक्त बाजार करीब 25,000 अरब अमेरिकी डॉलर का है और इसमें लगभग दो अरब लोग शामिल हैं। उन्होंने भारत की प्रतिष्ठित ‘होराइजन यूरोप’ अनुसंधान एवं नवाचार योजना से जुड़ने के लिए बातचीत पूरी होने पर भी संतोष व्यक्त किया।

उपराष्ट्रपति ने उच्चस्तरीय रणनीतिक समन्वय में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग दोनों पक्षों के संबंधों को और मजबूत करेगा।

राधाकृष्णन ने स्पेन में बुधवार को हुए भीषण रेल हादसे पर भी गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के प्रति संवेदना जताई।

बैठक में राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा, सुरेंद्र सिंह नागर, अमर पाल मौर्य और पीटी उषा भी शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार