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भारत-चिली के रिश्तों की असली ताकत दोनों देशों के लोगों की मित्रता में : विजेंद्र गुप्ता

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भारत-चिली के रिश्तों की असली ताकत दोनों देशों के लोगों की मित्रता में : विजेंद्र गुप्ता


नई दिल्ली, 26 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने चिली की राजधानी सैंटियागो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और चिली भले ही दुनिया के दो अलग-अलग छोर पर स्थित हों, लेकिन दोनों देशों की आत्मा, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं में गहरा जुड़ाव है। भारत और चिली के बीच संबंधों की वास्तविक शक्ति केवल सरकारी समझौतों में नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच बने विश्वास, आत्मीयता और मित्रता में निहित है।

यह जानकारी शनिवार को एक बयान में दी गयी है। इसके मुताबिक चिली में भारत की राजदूत अभिलाषा जोशी ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के सम्मान में सैंटियागो स्थित भारतीय दूतावास के राजदूत निवास पर एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया था।

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे दिल्ली की जनता और दिल्ली विधानसभा की ओर से चिली में बसे भारतीय समुदाय के लिए शुभकामनाएं लेकर आए हैं। उन्होंने दिल्ली विधानसभा को भारत की प्राचीन विधायी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि जिस भवन में आज दिल्ली विधानसभा का संचालन होता है, वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय अपने भीतर समेटे हुए है। इसी परिसर में एक सदी से अधिक समय पहले केंद्रीय विधानसभा की कार्यवाही हुई थी और देश के स्वतंत्रता आंदोलन तथा लोकतांत्रिक चेतना से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विमर्शों ने आकार लिया था।

विधानसभा अध्यक्ष ने भारत और चिली के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश अपनी-अपनी प्राचीन सभ्यताओं, स्वतंत्रता के संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। आज दोनों देश व्यापार, खनिज एवं ऊर्जा, कृषि, आयुर्वेद, योग, शिक्षा और प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

विजेंद्र गुप्ता ने चिली में रह रहे भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यहां रहने वाला प्रत्येक भारतीय अपने आचरण और कार्यों के माध्यम से भारत का प्रतिनिधित्व करता है। जब कोई चिली का नागरिक किसी भारतीय डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारी, शिक्षक या विद्यार्थी से मिलता है तो उसके मन में भारत की एक तस्वीर बनती है। भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत, ईमानदारी, आत्मीयता और व्यवहार से चिली में भारत की सकारात्मक पहचान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिली में भारत के प्रति सम्मान और सद्भाव के निर्माण में वहां रह रहे भारतीयों की बड़ी भूमिका है। भारतीय समुदाय केवल भारत से जुड़े लोगों का समूह नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु है। भारत अपने प्रवासी भारतीय समुदाय को कभी नहीं भूलता। पिछले वर्षों में भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत की इस परिवर्तनकारी यात्रा में विदेशों में रहने वाले भारतीयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

दिल्ली विधानसभा में आने का निमंत्रण देते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नई दिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों से आए लोगों की साझा नगरी है। उन्होंने चिली में रह रहे भारतीयों से आग्रह किया कि जब भी वे भारत आएं, वे दिल्ली विधानसभा अवश्य आएं और अपने बच्चों को भी साथ लेकर आएं, ताकि वे भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और विधायी विरासत को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।

युवा भारतीयों को विशेष संदेश देते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जो युवा चिली में जन्मे या पले-बढ़े हैं, उन्हें अपने दादा-दादी और परिवार की भाषा तथा भारत के इतिहास, त्योहारों और दर्शन से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पहचान में से किसी एक को चुनने की आवश्यकता नहीं है। वे एक साथ दो महान संस्कृतियों से जुड़ने का सौभाग्य रखते हैं। दो महान सभ्यताओं से जुड़ा व्यक्ति अपनी विरासत में और अधिक समृद्ध होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव