भारत ने जैवलिन एंटी टैंक मिसाइलों के लिए अमेरिका से समझौता कियाः अमेरिकी राजदूत
नई दिल्ली, 28 अगस्त (हि.स.)। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को घोषणा की है कि भारत युद्ध में परखी जा चुकी एफजीएम-148 जैवलिन टैंक-रोधी मिसाइल प्रणाली को अमेरिका से खरीदने जा रहा है। उन्होंने इसे अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों में बड़ी प्रगति बताया।
गोर ने एक्स पर घोषणा करते हुए लिखा, “बड़ी खबर! भारत ने युद्ध में परखी जा चुकी जैवलिन एंटी-टैंक प्रणाली खरीदने की योजना बनाई है। जैसा कि अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने मई 2026 में हुए शांगरी-ला संवाद में बताया था, यह अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम है और सह-उत्पादन की संभावनाओं के द्वार खोलता है। हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग रिकॉर्ड उच्च स्तर पर है।”
बयान में अमेरिकी रक्षा सचिव के मई 2026 के शांगरी-ला संवाद में दिए गए बयान का हवाला दिया गया है और लगभग 45 मिलियन डॉलर मूल्य की जैवलिन मिसाइलों की प्रारंभिक बिक्री के लिए साल 2025 में अमेरिका द्वारा दी गई मंजूरी के आधार पर संभावित सह-उत्पादन के अवसरों पर प्रकाश डाला गया है। यह घटनाक्रम गहरी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है, जिससे भारत की कवच रोधी क्षमताओं में वृद्धि होती है और संयुक्त रक्षा विनिर्माण लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जाता है।
उल्लेखनीय है कि भारत अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री प्रक्रिया के माध्यम से जैवलिन मिसाइल खरीदने जा रहा है। इसमें 100 मिसाइल राउंड, प्रशिक्षण उपकरण और लॉन्च यूनिट शामिल हैं, जो प्रारंभिक रूप से 45.7 मिलियन डॉलर के पैकेज में शामिल हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

