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भारत 6जी तकनीक में करेगा वैश्विक नेतृत्व: सिंधिया

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भारत 6जी तकनीक में करेगा वैश्विक नेतृत्व: सिंधिया


नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत 3जी के दौर में पीछे था, 4जी में विश्व के साथ चला, 5जी में आगे बढ़ा और अब 6जी में विश्व का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश अब 6जी तकनीक में वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सिंधिया ने बुधवार को लोकसभा में भाजपा सदस्य बिद्युत वरण महतो के एक सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्थापित भारत 6जी एलायंस का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इससे जुड़े संस्थानों की संख्या 14 से बढ़कर 85 तक पहुंच चुकी है। भारत 6जी के क्षेत्र में विश्व के लगभग 10 प्रतिशत पेटेंट में योगदान करेगा, जिनमें से 4000 पेटेंट पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। भारत का सर्वव्यापी संपर्क प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय मंचों 3जीपीपी और आईटीयू में स्वीकृत हो चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत 6जी एलायंस के अंतर्गत सात कार्य समूह सक्रिय हैं, जो स्पेक्ट्रम, उपकरण प्रौद्योगिकी, पुर्जे, हरित एवं स्थायित्व, जनसंपर्क और 6जी उपयोग मामलों जैसे क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं। इनकी प्रगति की त्रैमासिक समीक्षा मंत्रालय द्वारा की जाती है ताकि समयबद्ध और प्रभावी विकास सुनिश्चित हो सके।

सिंधिया ने अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (एएनआरएफ) के बारे में बताया कि इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फरवरी 2024 में बनाया गया। इसका उद्देश्य देश में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देना है। वर्ष 2023 से 2028 की अवधि के लिए 50,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें वित्त मंत्री द्वारा 14,000 करोड़ रुपये का बजट घोषित किया गया है।

उन्होंने कहा कि एएनआरएफ के तहत आठ प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें उन्नत अनुसंधान अनुदान, प्रधानमंत्री प्रारंभिक करियर अनुसंधान अनुदान, समावेशिता अनुसंधान अनुदान, उत्कृष्टता केंद्र, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र, नवाचार संकेतक और विश्लेषण, तीव्र नवाचार एवं अनुसंधान साझेदारी और एएनआरएफ अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा उत्कृष्टता केंद्रों, नवाचार केंद्रों, अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग और फैलोशिप कार्यक्रमों के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल 6जी तकनीक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा बल्कि अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर