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बिजनेस मीटिंग से ग्लोबल समिट तक, मध्य प्रदेश बनेगा एमआईसीई पर्यटन का प्रमुख केंद्र

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बिजनेस मीटिंग से ग्लोबल समिट तक, मध्य प्रदेश बनेगा एमआईसीई पर्यटन का प्रमुख केंद्र


- मुंबई में आईईआईए एमआईसीई इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट में मध्य प्रदेश ने पेश किया रोडमैप, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी पर दिया जोर

भोपाल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एमआईसीआई (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेन्सेस, एग्जीबिशन्स) पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधुनिक कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर और उन्नत अधोसंरचना पर जोर दिया जा रहा है।

राजधानी भोपाल के सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 172 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर में एक साथ 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था होगी, जबकि पर्यटन नीति-2025 के तहत आयोजकों और निवेशकों को विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।

शुक्रवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘आईईआईए एमआईसीई इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट–फोकस’ कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला शामिल हुए। इस दौरान मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्रदेश की संभावनाओं और निवेश के अवसरों का प्रस्तुतिकरण दिया।

इंडियन एग्जीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईईआईए) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘भारत में एमआईसीई आयोजनों के लिए इकोसिस्टम का निर्माण’ थी। सम्मेलन में पश्चिमी भारत को वैश्विक एमआईसीई पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के विषय पर गहन पैनल चर्चा हुई।

भोपाल में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा एमआईसीई कन्वेंशन केंद्र

अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने बताया कि भोपाल में प्रस्तावित सतगढ़ी कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर में 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों की बैठक क्षमता विकसित करने की योजना है। यह केंद्र 172 एकड़ में विकसित किए जा रहे सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का हिस्सा होगा। परियोजना के नियोजन में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।

वर्तमान में भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर संचालित है। इसके अलावा, इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 5 हजार से अधिक प्रतिनिधियों की क्षमता और 15 ब्रेकआउट हॉल उपलब्ध हैं, जबकि खजुराहो स्थित महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को व्यावसायिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। आधुनिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों, संस्थागत सहयोग और प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से मध्यप्रदेश में एमआईसीई पर्यटन की संभावनाओं को नया विस्तार दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत एमआईसीई पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 500 या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले पात्र आवासीय कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स को पूंजीगत निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक) की सब्सिडी दी जा सकती है। इसके साथ ही पात्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों के लिए स्थान व स्टॉल की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा ‘ग्रीन इवेंट सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन’ के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये तक की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।

प्रदेश में बड़े व्यावसायिक आयोजनों की क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ रहा। इसमें 34 देशों के 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों तथा 600 से अधिक हितधारकों ने सहभागिता की। इस आयोजन में 177 स्टॉलों के माध्यम से 10,263 बी2बी (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं।

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने के लिए ‘सिटी एमआईसीई प्रमोशन ब्यूरो’ की स्थापना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से आयोजकों को उपयुक्त स्थल एवं स्थानीय साझीदारों के चयन, संबंधित शासकीय विभागों व होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय, वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी तथा प्रतिनिधियों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने में एकल खिड़की (सिंगल विंडो) सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत