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इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस सम्मेलन से पहले पांच प्री समिट होस्ट करेगा पर्यावरण मंत्रालय

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इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस सम्मेलन से पहले पांच प्री समिट होस्ट करेगा पर्यावरण मंत्रालय


नई दिल्ली, 11 मई (हि.स.)। भारत मंडपम में एक जून को आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस-आईबीसीए सम्मेलन से पहले पांच प्री समिट का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से दुनिया के देशों में पाई जाने वाली पांच विशालकाय बिल्लियां-बाघ, शेर, चीता, स्नो लेपर्ड और तेंदुआ के संरक्षण के लिए किए जा रहे भारत के प्रयासों को सदस्य देशों को बताया जाएगा। इन पांच प्री समिट में वन और पर्यावरण मंत्रालय ने पांचों बड़ी बिल्लियों को उनके संरक्षण के लिहाज से किए गए प्रयासों को बताया जाएगा।

मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि इन पांच सम्मेलनों में 14 मई कोगिर राष्ट्रीय उद्यान में शेर संरक्षण, 18 मई को भोपाल में चीता संरक्षण, 22 मई को भुवनेश्वर में तेंदुआ सरंक्षण, 25 को नागपुर के चंद्रपुर में चीता और गंगटोक में स्नो लेपर्ड को लेकर आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सात बिग कैट प्रजातियों में बाघ, शेर, तेंदुआ, स्नो लेपर्ड, चीता, जगुआर और प्यूमा और उनके पारिस्थितिकी तंत्र के बचाव पर लक्षित करते हुए, यह सम्मेलन पर्यावरण अनुकूल और सतत विकास में जैव विविधता बचाव की अहम भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित करने में एक बड़ा मील का पत्थर होगा।

यह सम्मेलन भारत सरकार और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस-आईबीसीए की देखरेख में आयोजित किया जाएगा। भारत की अगुवाई में आईबीसीए मिलकर काम करके सात बिग कैट प्रजातियों को बचाने के लिए समर्पित एक वैश्विक गठबंधन के तौर पर काम करता है। आईबीसीए का प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2023 में औपचारिक रूप से पेश किया था और बाद में कैबिनेट की मंजूरी के बाद मार्च 2024 में भारत सरकार ने इसे स्थापित किया, और यह फरवरी 2025 में पूरी तरह से चालू हो गया। पांच सालों (2023-24 से 2027-28) में भारत सरकार के लगभग 1.80 लाख अमेरिकी डॉलर के वित्तीय प्रतिबद्धताओं से सहायता प्राप्त आईबीसीए रेंज देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और समन्वय को दुनिया के संरक्षण कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए एक मज़बूत संस्थागत फ्रेमवर्क देता है। यह समिट 95 रेंज वाली विशालकाय बिल्लियों वाले देश के प्रमुख मंत्री, सरकार के प्रतिनिधि, वरिष्ठ नीति निर्माता, वैज्ञानिक, वन जीव संरक्षण के लिए काम करने वाले हित धारक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संरक्षण के लिए एक उच्च स्तरीय प्लेटफार्म का काम करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी