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रेंट-ए-बॉयफ्रेंडः हैदराबाद पुलिस ने महिलाओं को साइबर धोखाधड़ी के प्रति किया सतर्क

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रेंट-ए-बॉयफ्रेंडः हैदराबाद पुलिस ने महिलाओं को साइबर धोखाधड़ी के प्रति किया सतर्क


रेंट-ए-बॉयफ्रेंडः हैदराबाद पुलिस ने महिलाओं को साइबर धोखाधड़ी के प्रति किया सतर्क


हैदराबाद, 08 अगस्त (हि.स.)। पुलिस ने सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ सेवाओं और भारी छूट की पेशकश करने वालों के खिलाफ चेतावनी दी है, जो कथित तौर पर युवा महिलाओं को निशाना बनाने वाले नए साइबर फ्रॉड ट्रैप (धोखाधड़ी के जाल) के रूप में सामने आ रहे हैं।

ठग कथित तौर पर पैसे और व्यक्तिगत जानकारी ऐंठने के लिए फर्जी प्रोफाइल और मनगढ़ंत डेटिंग ऑफर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और फेसबुक पर वायरल हो रहे पोस्ट में कॉफी डेट, सिनेमा जाने, खरीदारी के दौरान साथ रहने और कार्यक्रमों तथा शादियों में साथ जाने जैसी सेवाओं का विज्ञापन दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कुछ विज्ञापनों में एक छोटी-सी मुलाकात के लिए कुछ सौ रुपये से लेकर पूरे दिन के साथ के लिए कई हजार रुपये तक के पैकेज की पेशकश की जा रही है, जिन्हें अक्सर ‘50% छूट’ और ‘विशेष ऑफर’ जैसे दावों के साथ बढ़ावा दिया जाता है।

शहर के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि साइबर अपराधी आकर्षक दिखने वाले पुरुषों की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं- जिनमें से कुछ कथित तौर पर एआई का उपयोग करके बनाई गई होती हैं या इंटरनेट से ली गई होती हैं ताकि वे भरोसेमंद प्रोफाइल बना सकें। उन्होंने कहा, जो महिलाएं इन विज्ञापनों पर प्रतिक्रिया देती हैं, उन्हें प्राइवेट चैट पर ले जाया जाता है, जहां ऑपरेटर बुकिंग की पुष्टि, अग्रिम भुगतान या सुरक्षा जमा के नाम पर पैसे मांगने से पहले अच्छे संबंध स्थापित करते हैं।

भुगतान क्यूआर कोड और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से मांगा जाता है, जिसके बाद जालसाज गायब हो सकते हैं या पीड़ित को ब्लॉक कर सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि हालांकि यह खतरा सिर्फ वित्तीय नुकसान तक ही सीमित नहीं है। बातचीत के दौरान साझा किए गए व्यक्तिगत विवरण, फोन नंबर और तस्वीरों का इस्तेमाल उत्पीड़न, ब्लैकमेल या साइबर अपराध के अन्य रूपों के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है। सज्जनार ने आगाह करते हुए कहा, केवल ऑनलाइन बातचीत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों से मिलना पीड़ितों को शारीरिक सुरक्षा के जोखिम में भी डाल सकता है।

साइबर अपराध अधिकारी कथित तौर पर ऐसे कपटपूर्ण विज्ञापनों पर नजर रख रहे हैं और महिलाओं तथा माता-पिता को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं।

इस बीच, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे असाधारण रूप से आकर्षक ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें, अजनबियों के साथ निजी जानकारी या तस्वीरें साझा न करें, उचित सत्यापन के बिना अज्ञात व्यक्तियों से न मिलें या असत्यापित खातों में अग्रिम भुगतान न करें।

ऐसे किसी भी फ्रॉड के शिकार व्यक्तियों को तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj