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भारत में बना दुनिया के सबसे बड़ा डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम: नड्डा

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भारत में बना दुनिया के सबसे बड़ा डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम: नड्डा


भारत में बना दुनिया के सबसे बड़ा डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम: नड्डा


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को देश की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘आरोग्य सेतु 2.0’ सहित कई महत्वपूर्ण डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया।

विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में जे पी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब तक 90 करोड़ से अधिक आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाए जा चुके हैं और 100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड उनसे जोड़े जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है।

केन्द्रीय मंत्री ने इस अवसर पर आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज, इंश्योरेंस प्लान एफएचआईर ऑब्जेक्ट क्रिएटर, ई-सुश्रुत क्लिनिक, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई), ड्रग रजिस्ट्री, और भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस जैसी डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की। कार्यक्रम में आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव, राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि सही और बोधी जैसी एआई आधारित पहलें स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने में मदद कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले से बिखरी हुई स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत मंच पर लाएंगे।

उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु 2.0 को पूरी तरह नए स्वरूप में विकसित किया गया है, जिससे गर्भवती महिलाओं, बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और गंभीर या दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित लोगों सहित सभी आयु वर्ग के नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं एक ही मंच पर आसानी से उपलब्ध होंगी।

नड्डा ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इन पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

नड्डा ने कहा कि यह भारत को डिजिटल नवाचार के माध्यम से अधिक स्वस्थ राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने आयुष्मान भारत जैसी परिवर्तनकारी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है और प्राथमिक, माध्यमिक तथा तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया है।

इस अवसर पर

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह पहल भारत के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ आयुष पद्धति का समन्वय कर समग्र और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित कर रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म आयुष सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र में नवाचार को भी प्रोत्साहित करेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि परिवार के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं पर होती है, लेकिन वे अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सेवाएं महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करने और कहीं भी अपने मेडिकल रिकॉर्ड तक आसानी से पहुंच बनाने में सक्षम बनाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में बिखरी हुई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत राष्ट्रीय स्वास्थ्य तंत्र में बदल रहा है। इससे कागजी कार्यवाही कम होगी, स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर तथा निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि भुगतान, पहचान और सार्वजनिक सेवाओं की तरह अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी डिजिटल परिवर्तन तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई डिजिटल पहलें स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को आधुनिक डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी