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देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन है ग्वालियर : केंद्रीय मंत्री सिंधिया

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देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन है ग्वालियर : केंद्रीय मंत्री सिंधिया


- केन्द्रीय मंत्री सिधिया ने बेंगलुरु में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) ग्वालियर में निवेश के लिए निवेशकों से किया संवाद

भोपाल, 22 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जिस प्रकार देश में सेमीकंडक्टर फैब और विमान विनिर्माण जैसी ऐतिहासिक परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं, उसी तर्ज पर ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किया जा रहा है। यह पार्क टेलीकॉम के सभी 7 प्रमुख वर्टिकल्स ओईएम, ऑप्टिकल फायबर केबल, डेटा सेंटर व उपकरण, सेमीकंडक्टर चिपसेट, एक्टिव-पैसिव कंपोनेंट्स, टीएसपी-आईटी सेवाएं और ईएमएस-पीसीबी विनिर्माण को एक संपूर्ण इको सिस्टम के रूप में समाहित करेगा।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया मंगलवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) में निवेश आकर्षित करने के लिए बेंगलुरु में आयोजित राउंड टेबल बैठक में निवेशकों से संवाद कर रहे थे। राउंड टेबल बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से मौजूद रहे।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत अब ‘सर्विस ड्रिवन’ से ‘प्रोडक्ट ड्रिवन’ अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वैल्यू चेन में वास्तविक मूल्य और बौद्धिक संपदा उत्पादों के विनिर्माण और डिजाइनिंग में निहित है। देश का लक्ष्य केवल ‘मेक इन इंडिया’ तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘डिजाइन इन इंडिया’, ‘मेक फॉर इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को साकार करना है।

उद्योग जगत की सहभागिता से तैयार अद्वितीय प्रोत्साहन पैकेज

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति सरकार और निजी क्षेत्र के साझा विचार-विमर्श से तैयार की गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि 12,000 करोड़ रूपये के कैपेक्स पर लगभग 8,000 करोड़ रूपये का वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज दिया जाना विश्व स्तर पर अभूतपूर्व है। यह पैकेज केवल कैपेक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पंजीकरण शुल्क और कौशल प्रशिक्षण पर सब्सिडी देकर कंपनियों के परिचालन व्यय को भी न्यूनतम करता है। केंद्र और राज्य के 51:49 के संयुक्त एसपीवी के माध्यम से निवेशकों की प्रत्येक समस्या का समाधान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रथम चरण के निवेशकों को ही मिलेगा अधिकतम लाभ का अवसर

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने निवेशकों का आह्वान करते हुए कहा कि रोडशो के पहले चरण में शामिल होने वाले निवेशकों को ही यह ऐतिहासिक लाभ प्राप्त होगा। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के रोडशो से अब तक लगभग 24-25 कंपनियों से 5,500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश और 17,000 से अधिक रोजगार सृजन के प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी भूमि-पूजन के बाद प्रथम चरण बंद हो जाएगा और दूसरे चरण में आने वाले निवेशकों को ये रियायतें इस स्तर पर उपलब्ध नहीं होंगी, इसलिए उद्यमियों को इस चरण में तत्काल जुड़ना चाहिए।

दिल्ली का काउंटर मैग्नेट सिटी और कनेक्टिविटी का नया केंद्र ग्वालियर

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर की रणनीतिक खूबियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्वालियर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ‘काउंटर मैग्नेट सिटी’ के रूप में विकसित किया गया है, जो 100 एकड़ काउंटर मैग्नेट क्षेत्र और 70 एकड़ एसटीपीआई क्षेत्र में विस्तृत है। ग्वालियर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से सीधी हवाई सेवा से जुड़ा है। यहां 5,500 करोड़ रूपये की लागत से 6-लेन हाई-स्पीड आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे तैयार किया जा रहा है, जिससे आगरा की दूरी मात्र 40 मिनट में तय होगी। इसके साथ ही 600 करोड़ रूपये का नया एयरपोर्ट, 600 करोड़ रूपये का आधुनिक रेलवे स्टेशन, 40 से 50 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रतिवर्ष निकलने वाले 10 से 12 हजार प्रशिक्षित इंजीनियर्स ग्वालियर को विनिर्माण के लिए देश का सबसे आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं।

ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश की एक अत्यंत अनूठी और ऐतिहासिक पहल

केंद्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश की एक अत्यंत अनूठी और ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह भारत का एकमात्र ऐसा समर्पित मैन्युफैक्चरिंग जोन है, जहाँ टेलीकॉम सेक्टर के सभी वर्टिकल्स और संपूर्ण इको सिस्टम को एक ही स्थान पर लाने का प्रभावी प्रयास किया गया है।

केन्द्रीय सचिव अग्रवाल ने बताया कि इस परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा एक अत्यंत आकर्षक पैकेज स्वीकृत किया गया है, मध्य प्रदेश शासन की ओर से भी निवेशकों को विशेष नीतिगत प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य का यह साझा सहयोग निवेशकों के जोखिम को कम कर विनिर्माण के लिए आदर्श वातावरण तैयार करता है।

5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग ने जुलाई 2026 में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद अगस्त में दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए। दिल्ली में निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं सामने आईं, जिससे करीब 14,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। अगस्त में मुंबई में आयोजित सम्मेलन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप अब 24 कंपनियों ने दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर