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गुजरात के शहर होंगे वायर फ्री, 2030 तक बिजली की सभी लाइनें होंगी अंडरग्राउंड

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गुजरात के शहर होंगे वायर फ्री, 2030 तक बिजली की सभी लाइनें होंगी अंडरग्राउंड


- भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट ने ‘गुजरात वायर फ्री सिटी मिशन’ को दी मंजूरी, 17 महानगर पालिकाएं और 151 नगरपालिकाएं होंगी शामिल

गांधीनगर, 03 जून (हि.स.)। गुजरात सरकार ने राज्य के शहरों को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ‘गुजरात वायर फ्री सिटी मिशन’ को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत वर्ष 2030 तक राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में ओवरहेड बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल नेटवर्क में परिवर्तित किया जाएगा।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्रीन और स्मार्ट सिटी’ विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मिशन के प्रारंभिक चरण के लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था को मंजूरी दी है।

168 शहरी निकायों को मिलेगा लाभ

मंत्री वाघाणी ने बताया कि ‘गुजरात वायर फ्री सिटी मिशन’ के अंतर्गत राज्य की सभी 17 महानगर पालिकाओं और 151 नगरपालिकाओं को शामिल किया जाएगा। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहरों की सुंदरता, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहरों में फैले बिजली के तार न केवल शहरी सौंदर्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि कई बार दुर्घटनाओं और तकनीकी बाधाओं का कारण भी बनते हैं। मिशन के तहत इन सभी ओवरहेड नेटवर्क को आधुनिक अंडरग्राउंड केबलिंग सिस्टम में बदला जाएगा।

46 हजार किलोमीटर से अधिक नेटवर्क होगा भूमिगत

योजना के तहत राज्यभर में 14,600 सर्किट किलोमीटर से अधिक हाई टेंशन (एचटी) ओवरहेड नेटवर्क तथा 31,400 सर्किट किलोमीटर से अधिक लो टेंशन (एलटी) ओवरहेड नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत किया जाएगा।

परियोजना के पहले चरण में 11 केवी ओवरहेड लाइनों को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदला जाएगा। इसके बाद लो टेंशन बिजली लाइनों को भी भूमिगत किया जाएगा।प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ेगी सुरक्षा

प्रवक्ता मंत्री ने कहा कि अंडरग्राउंड केबलिंग से तूफान, तेज हवाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बिजली के तार टूटने, शॉर्ट सर्किट और विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी और आपदा के समय जनजीवन पर पड़ने वाला प्रभाव भी कम होगा।

साथ ही तकनीकी खराबियों में कमी आने से बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बनेगी। नागरिकों को बिना किसी व्यवधान के लगातार बिजली उपलब्ध कराने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।स्मार्ट और सुरक्षित गुजरात की दिशा में बड़ा कदम

मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि ‘गुजरात वायर फ्री सिटी मिशन’ केवल बिजली के तारों को भूमिगत करने की परियोजना नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के स्मार्ट, सुरक्षित और सुंदर गुजरात के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मिशन के माध्यम से गुजरात देश के सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे