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जीटीए चेयरमैन अनित थापा ने दिया इस्तीफा

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दार्जीलिंग, 17 जून (हि.स.)। पहाड़ की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फाइलें खोलने की चेतावनी देने के महज 24 घंटे के भीतर ही जीटीए चेयरमैन अनित थापा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने जीटीए सभासद पद भी छोड़ दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

अनित थापा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बुधवार को अपने इस्तीफे की जानकारी दी और कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग का समर्थन भी किया। उन्होंने लिखा कि राज्य में बदलाव आ चुका है और जनता इस सरकार को स्वीकार कर चुकी है। जीटीए को लेकर लोगों में नाराजगी है और सभी जांच चाहते है, वह खुद भी जांच के पक्ष में हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जीटीए में बहुत अधिक फंड नहीं आता था, लेकिन इसके बावजूद लोगों के बीच असंतोष बढ़ा है। इसी कारण उन्होंने चेयरमैन और सभासद दोनों पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया।

इधर, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पहाड़ की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई थी। जीटीए में पूर्व तृणमूल सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे थे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कर्सियांग में आयोजित ‘जनकल्याण शिविर’ में कहा कि पिछली सरकार के समय बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई, खासकर शिक्षक भर्ती में। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसा नहीं होगा और उनकी सरकार “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” की नीति पर काम करेगी।

गौरतलब है कि जीटीए के जरिए शिक्षक भर्ती में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पहले ही सीबाईआई जांच के आदेश दिए जा चुके है। इस घटनाक्रम के 24 घंटे के भीतर अनित थापा का इस्तीफा देना कई सवाल खड़े कर रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जीटीए की कमान किसके हाथ में जाएगी। क्या बिमल गुरूंग की वापसी होगी? इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार