दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 244 दर्ज किया गया जो कि खराब श्रेणी में आता है। इसी कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को
दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू
कर दिया है।
ग्रैप-1 के प्रमुख नियम और प्रतिबंध के तहत होटल, ढाबों और रेस्तरां में कोयले तथा लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।
डीजल जनरेटर के संचालन पर लागू उत्सर्जन मानकों और संबंधित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सभी जनरेटरों पर पूर्ण प्रतिबंध मानना सही नहीं होगा।
कचरा, प्लास्टिक, सूखी पत्तियां और अन्य अपशिष्ट खुले में जलाना प्रतिबंधित है।
सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपायों को तेज किया जाता है।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
आयोग ने
आम लोगों के लिए सलाह
दी है कि वे निजी वाहन के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
कचरा या पत्तियां न जलाएं।
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
प्रदूषण अधिक होने पर बाहर व्यायाम करने से बचें, विशेषकर यदि सांस लेने में परेशानी हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

