दावोस 2026 में आर्थिक नीतियों पर आज से मंथन, पांच दिन चर्चा करेंगे दिग्गज
नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स)। स्विट्जरलैंड के खूबसूरत बर्फीले शहर दावोस में सोमवार से विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ)-2026 की 56वीं वार्षिक बैठक का आगाज हो रहा है। इस पांच दिवसीय आयोजन में शामिल होने के लिए दुनियाभर के दिग्गज नेता, बिजनेस लीडर्स और एक्सपर्ट्स का यहां जुटना शुरू हो गया है।
भारत, अमेरिका, रूस और ब्रिटेन समेत लगभग 130 देशों के 3,000 से अधिक नेता शामिल होने वाले हैं। इस सम्मेलन में भारत के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की भागीदारी रहने वाली है। इस साल का विषय 'संवाद की भावना' रखा गया है। दावोस में 19 से 23 जनवरी तक चलने वाले इस वैश्विक समागम में करीब 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख शामिल होने वाले हैं। यहां भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था, विकास, तकनीक और पर्यावरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत का प्रतिनिधित्व इस बैठक में बेहद मजबूत रहने वाला है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के. राम मोहन नायडू शामिल होंगे। इसके अलावा छह मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन बैठक में भाग लेंगे।
स्विस मीडिया आउटलेट 20 मिनुटेन के मुताबिक, आधिकारिक उद्घाटन से पहले ही ट्रेन से आने वाले मेहमानों का स्वागत स्विस आर्मी की फ्लाइट-डिफेंस तोपें कर रही हैं, जो सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजामों का संकेत है। विश्व आर्थिक मंच 2026 की शुरुआत से पहले स्विट्जरलैंड का दावोस शहर पूरी तरह उच्च-सुरक्षा मोड में नजर आने लगा है। दुनिया के सबसे चर्चित वैश्विक सम्मेलनों में शुमार इस आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

