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भारत मंडपम में 27-28 अक्टूबर तक होगा इस्टिक 2026 का आयोजन

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भारत मंडपम में 27-28 अक्टूबर तक होगा इस्टिक 2026 का आयोजन


नई दिल्ली, 10 सितंबर (हि.स.)। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में आयोजित होने वाला इस्टिक 2026 (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, साइंस, इनोवेशन & कोलोबोरेशन समिट) का आयोजन 27 से 29 अक्टूबर तक भारत मंडपम में किया जाएगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप, नीति-निर्माता, शिक्षाविद और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे।

सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, डीप-टेक, ब्लू इकोनॉमी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और सतत विकास जैसे उभरते क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अलावा प्रदर्शनी, तकनीकी सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान, स्टार्टअप शोकेस, बी टू बी बैठकें और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने वाले विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

गुरुवार को प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने बताया कि इस कॉन्क्लेव में तीन नोबेल पुरस्कार विजेता भाग ले रहे हैं। इसके अलावा तीन हजार से ज्यादा डेलिगेट्स इसमें आयेंगे जिसमें ज्यादातर युवाओं की भागीदारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना, अनुसंधान और उद्योग के बीच साझेदारी को मजबूत करना तथा भारत को वैश्विक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में नए अवसर तैयार करना है। सम्मेलन में 19 से ज्यादा केंद्रीय मंत्रालयों, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योग संगठनों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।

इस मौके पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत डीप ओशन मिशन के तहत लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। डीप ओशन मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा और इसके माध्यम से देश ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग कई दशक तक इस क्षेत्र पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था लेकिन अब सरकार समुद्री संसाधनों के बेहतर उपयोग और आर्थिक विकास के नए अवसरों पर व्यापक स्तर पर काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी