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पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु से लश्कर के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु से लश्कर के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार


नई दिल्ली, 22 फ़रवरी (हि.स.)। देश में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की बड़ी साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया है। करीब 9 दिन गुपचुप तरीके से चले ऑपरेशन के बाद स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बड़े मॉड्यूल का खुलासा करने का दावा किया है। टीम ने कोलकाता और तमिलनाडु में छापेमारी कर 7 बांग्लादेशी समेत कुल 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। तमिलनाडु में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों को लेकर पुलिस टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई है जिसके सोमवार को पहुंचने की उम्मीद है।

दावा किया गया है कि बांग्लादेश में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर शब्बीर अहमद लोन के निर्देश पर यह मॉड्यूल भारत में बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा था। इसके लिए कई राज्यों में भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी की गई थी। आरोपितों के पास से बरामद मोबाइल फोन में इसके वीडियो मिले हैं। समय रहते मॉड्यूल के खुलासे से बड़ा आतंकी हमला टल गया है।

पकड़े गए आरोपितों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी उमर फारूक, बांग्लादेशी नागरिक रबि-उल-इस्लाम, मो. लिटन, मो. मिजानुर रहमान, मो. उज्जाल, मो. जहीदुल इस्लाम, उमर और सैफायत होसेन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपितों के पास से 12 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।

स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि मॉड्यूल का खुलासा 7 फरवरी को दिल्ली में लगे देश विरोधी पोस्टर से हुआ। कुछ लोगों ने कश्मीरी गेट बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन के पास देश-विरोधी पोस्टर लगा दिए। सीआईएसएफ के जवानों ने इन्हें देखकर मेट्रो पुलिस को खबर दी। मेट्रो पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

जांच के दौरान पोस्टर लगाने वाले आरोपितों के आने-जाने के रूट का मेट्रो पुलिस ने पता लगा लिया। आरोपित पोस्टर लगाने के बाद कोलकाता भाग गए। बाद में 13 फरवरी को केस को स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया गया। जिसके बाद टीम फौरन कोलकाता पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से स्पेशल सेल की टीम ने उमर फारूक और रबि-उल-इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि इन लोगों ने बांग्लादेश में बैठे लश्कर के हैंडलर शब्बीर अहमद लोन के इशारे पर पोस्टर लगाए थे। लश्कर के इशारे पर भारत के कई राज्यों में भीड़ वाली जगह की रेकी कर वहां हमले की तैयारी चल रही थी। इसके लिए हथियारों का इंतजाम किया जा रहा था।

उमर ने खुलासा किया कि एक और बांग्लादेशी हैंडलर सैद-उल-इस्लाम जो किसी अन्य देश में है, उसने उमर फारूक का 6 बांग्लादेशियों से संपर्क कराया जो सभी तमिलनाडु में मौजूद थे। सैद-उल-इस्लाम के आदेश पर ये तमिलनाडु से कोलकाता पहुंचने वाले थे। इससे पहले स्पेशल सेल की टीम ने तमिलनाडु पहुंच कर स्थानीय पुलिस की मदद से इन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की टीम इन्हें लेकर तमिलनाडु से ट्रेन के जरिये दिल्ली के लिए निकल चुकी है, सोमवार को इनके पहुंचने की उम्मीद है। जबकि उमर फारूक और रबि-उल-इस्लाम से लगातार पूछताछ की जा रही है। इनके पास से करीब 12 मोबाइल फोन व कई सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस उनकी भी पड़ताल कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी