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मानेसर लैंड स्कैम: ईडी ने टीडीआई ग्रुप से जुड़े परिसरों पर की छापेमारी, कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त

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मानेसर लैंड स्कैम: ईडी ने टीडीआई ग्रुप से जुड़े परिसरों पर की छापेमारी, कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त


नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोन-I ने मानेसर भूमि घोटाले मामले में 28 सितंबर को टीडीआई समूह के अध्यक्ष रविन्दर तनेजा और टीडीआई ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से जुड़े कारोबारी और आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही जांच के सिलसिले में की गई। तलाशी के दौरान कई परियोजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड, फाइलें, डिजिटल उपकरण, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर सहित अपराध से अर्जित आय के रूप में चिन्हित कई संपत्तियां जब्त की गई हैं।

ईडी ने शुक्रवार को बताया कि जांच सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुए गुरुग्राम (मानेसर) लैंड स्कैम मामले से जुड़ी है। टीडीआई ग्रुप की जांच कथित अपराध अवधि के दौरान अतुल बंसल और उनके एबीडब्ल्यूआईएल के नेतृत्व वाले कंपनियों के समूह के साथ किए गए कथित लेनदेन के संबंध में की जा रही है।

जांच में सामने आया कि मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों में 2007 में अधिग्रहण के लिए अधिसूचित 400 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने एचएसआईआईडीसी की ओर से अधिग्रहण किए जाने की आशंका के बीच किसानों से बेहद कम कीमत पर खरीदा था। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त हो गई और अवार्ड को छोड़ दिया गया। बाद में इन्हीं जमीनों को बिचौलियों ने कई गुना अधिक कीमत पर बेच दिया, जिससे भारी मुनाफा हुआ।

ईडी ने जांच में रविन्दर तनेजा के नेतृत्व वाले टीडीआई ग्रुप की भूमिका को ऐसे ही एक बिचौलिए के रूप में चिन्हित किया है। जांच के अनुसार, इन तीन गांवों में 2005 से 2007 के बीच भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान टीडीआई ग्रुप ने तीन कंपनियों- एम/s इंडो एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, एम/s एनसीआर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और एम/s दिव्या ज्योति एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के जरिए किसानों से करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी।

ईडी के अनुसार, इन कंपनियों के माध्यम से खरीदी गई जमीन बाद में अतुल बंसल समूह को अधिक कीमत पर बेची गई, जिससे टीडीआई ग्रुप को कथित तौर पर भारी मुनाफा हुआ। इन लेनदेन और भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच एजेंसी कर रही है।

तलाशी अभियान नई दिल्ली और एसएएस नगर स्थित परिसरों में तीन दिन से अधिक समय तक चला। इस दौरान अन्य परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और गैर-कानूनी गतिविधियों से संबंधित कई रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। ईडी इन रिकॉर्ड की आगे जांच कर रही है।

तलाशी के दौरान दर्जनों परियोजना रिकॉर्ड और फाइलों के अलावा डिजिटल उपकरण, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर जब्त किए गए। ईडी ने कुछ लग्जरी वाहनों को भी अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में चिन्हित कर जब्त किया है।

ईडी के अनुसार, जब्त दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों, चिन्हित संपत्तियों और टीडीआई ग्रुप की कंपनियों के वित्तीय मामलों की जांच जारी है। जब्त सामग्री की जांच और आगे की कार्रवाई मामले में जांच की प्रगति तथा भविष्य में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर