ईडी की लखनऊ और आसपास 13 ठिकानों पर छापेमारी, अवैध घुसपैठ और आतंक वित्तपोषण नेटवर्क की जांच तेज
नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंक वित्तपोषण और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मामले में गुरुवार को लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में 13 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की गई।
यह मामला वर्ष 2024 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें आरोप था कि एक संगठित गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश दिलाने, फर्जी भारतीय पहचान पत्र उपलब्ध कराने और उन्हें विभिन्न राज्यों में बसाने का काम कर रहा था।
ई़डी की लखनऊ जोनल इकाई की जांच में सामने आया कि कुछ धर्मार्थ ट्रस्ट और संस्थाएं भारी विदेशी चंदा प्राप्त कर रही थीं। यह धन कई बैंक खातों, नकली खातों और परतदार लेनदेन के जरिए अवैध गतिविधियों में मोड़ा जा रहा था। एजेंसी ने संकेत दिया कि नकद निकासी और छोटे मूल्य के हस्तांतरण के जरिए संदिग्ध लाभार्थियों तक धन पहुंचाया जा रहा था।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जब्त किए हैं। ईडी ने बताया कि इन साक्ष्यों से नेटवर्क की वित्तीय जड़ों और विदेशी फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जाएगा। एजेंसी ने बताया कि आगे की जांच जारी है और इसमें कई अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

