ईडी ने 927 करोड़ रुपये के घर खरीदार धोखाधड़ी मामले में ओजोन अर्बाना के प्रवर्तक को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु स्थित रियल एस्टेट कंपनी ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े धनशोधन मामले में कंपनी के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और प्रवर्तक एस. वासुदेवन को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने घर खरीदारों से सैकड़ों करोड़ रुपये लेने के बावजूद उन्हें फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया और धन का दुरुपयोग किया।
ईडी ने शुक्रवार को बताया कि एजेंसी कि बेंगलुरु क्षेत्रीय इकाई ने बताया कि एस वासुदेवन को 30 सितंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। उन्हें 01 अक्टूबर को विशेष पीएमएलए अदालत, बेंगलुरु में पेश किया गया, जहां अदालत ने आगे की जांच के लिए 14 दिन की ईडी हिरासत मंजूर की है।
ईडी की जांच बेंगलुरु शहर के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। इन मामलों में कंपनी और उसके प्रवर्तकों पर भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
जांच एजेंसी के अनुसार ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों को समय पर परियोजना पूरी करने और फ्लैटों का कब्जा देने का आश्वासन दिया था। कंपनी ने घर खरीदारों को यह भी भरोसा दिलाया था कि फ्लैट का कब्जा मिलने तक उनके प्री-कंस्ट्रक्शन ईएमआई का भुगतान किया जाएगा। आरोप है कि कंपनी ने इन वादों का पालन नहीं किया, परियोजना पूरी नहीं की और न ही खरीदारों को फ्लैट सौंपे।
ईडी ने कहा कि कंपनी ने न तो ग्राहकों को आवासीय इकाइयों का कब्जा दिया और न ही जमा की गई रकम लौटाई। इसके बजाय बुकिंग राशि और ऋण के रूप में प्राप्त धन का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया।
जांच में सामने आया कि ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके मुख्य प्रवर्तक एस. वासुदेवन ने घर खरीदारों के साथ लगभग 927.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। ईडी के अनुसार, खरीदारों से प्राप्त धनराशि का कब्जा दिए बिना उसे रोके रखा गया और अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने 01 अगस्त 2025 को इस मामले में विभिन्न परिसरों पर छापेमारी की थी, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच के आधार पर ईडी ने 04 अक्टूबर 2025 को 423.37 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क भी किया था।
ईडी ने बताया कि इसी समूह से संबंधित तीन अन्य कंपनियों, ओजोन इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, ओजोन रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और ओजोन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के आधार पर भी पीएमएलए के तहत समानांतर जांच चल रही है। इन सभी कंपनियों में एस. वासुदेवन साझा निदेशक हैं।
ईडी के अनुसार, गिरफ्तारी का उद्देश्य अपराध से अर्जित धन के स्रोत, उसके हस्तांतरण, परत-दर-परत लेनदेन, उपयोग और समूह की विभिन्न कंपनियों तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच को आगे बढ़ाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

