जीएमएडीए में भ्रष्टाचार मामले में ईडी का दिल्ली, चंडीगढ़ समेत चार शहरों में छापा
नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) में भ्रष्टाचार के मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को दिल्ली, चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली एवं लुधियाना में कई ठिकानों पर छापेमारी की।
ईडी के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य जीएमएडीए की जमीनों की नीलामी तथा बिल्डरों और डेवलपरों पर बकाया बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और ब्याज में कथित छूट से जुड़े मामलों में दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य जुटाना है।
ईडी की टीमों ने जीएमएडीए के कार्यालय के अलावा पंजाब के आवास विभाग के प्रधान सचिव एवं आईएएस अधिकारी विकास गर्ग से जुड़े परिसरों में भी तलाशी ली। एजेंसी जीएमएडीए से जुड़े कई मामलों में रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जीएमएडीए पंजाब सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग के अधीन काम करता है और विकास गर्ग इस विभाग के प्रधान सचिव हैं।
तलाशी के दौरान एजेंसी की जांच का एक प्रमुख पहलू जीएमएडीए की ओर से की गई जमीनों की नीलामी और उसके बाद बिल्डरों एवं डेवलपरों से वसूले जाने वाले ईडीसी तथा ब्याज में दी गई कथित छूट से जुड़ा है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन फैसलों में नियमों का पालन हुआ या नहीं और किन परिस्थितियों में बकाया राशि में राहत दी गई।
जीएमएडीए के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी भूखंडों के आवंटन, दंडात्मक ब्याज में छूट और निर्माण अवधि बढ़ाने से जुड़े मामलों पर प्राधिकरण की बैठकों में विचार किए जाने के उदाहरण मौजूद हैं। जुलाई 2025 की प्राधिकरण बैठक के रिकॉर्ड में एक मामले में दंडात्मक ब्याज माफ करने और निर्माण अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव दर्ज है।
ईडी की मौजूदा कार्रवाई के दौरान जीएमएडीए की नीलामी, बकाया शुल्क, ब्याज और बिल्डरों-डेवलपरों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

