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भूषण स्टील धनशोधन मामला : ईडी ने नीरज सिंघल की पत्नी ऋतु सिंघल की 58.34 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं

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भूषण स्टील धनशोधन मामला : ईडी ने नीरज सिंघल की पत्नी ऋतु सिंघल की 58.34 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं


नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूषण स्टील लिमिटेड से जुड़े धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व प्रवर्तक नीरज सिंघल की पत्नी ऋतु सिंघल की 58.34 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क कीं। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 24 जून को की गई।

ईडी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भूमि और आवासीय संपत्ति का एक हिस्सा शामिल है। इसके अलावा ऋतु सिंघल के नाम पर मौजूद इक्विटी शेयर और बैंक खातों में जमा धनराशि भी कुर्क की गई है।

ईडी ने जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की ओर से भूषण स्टील लिमिटेड, नीरज सिंघल और अन्य आरोपितों के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत के आधार पर शुरू की थी। शिकायत में पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराधों का उल्लेख किया गया था।

जांच में सामने आया कि नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर वास्तविक कारोबारी लेन-देन की आड़ में भूषण स्टील से धन की हेराफेरी की। इससे वित्तीय संस्थानों को 11,446.73 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ईडी के अनुसार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड से खरीदे गए जिंक इंगट, जिन्हें भूषण स्टील के संयंत्रों में इस्तेमाल किया जाना था, उन्हें कंपनी के खातों में दर्ज किए बिना खुले बाजार में बेच दिया गया। इससे प्राप्त नकदी का उपयोग कथित तौर पर विभिन्न पेनी स्टॉक कंपनियों के जरिए फर्जी दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) दिखाने और एंट्री हासिल करने में किया गया।

जांच एजेंसी ने बताया कि जिंक इंगट की कथित ऑफ-बुक बिक्री से उत्पन्न नकदी और संबंधित अवधि में बैंक खातों में जमा बड़ी मात्रा में अघोषित धनराशि के बीच भी संबंध पाए गए हैं।

ईडी इससे पहले भी इस मामले में कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी ने 8 नवंबर 2021 को 61.38 करोड़ रुपये और 6 मार्च 2024 को 367 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं।

मामले में ईडी ने 8 अगस्त 2023 को अभियोजन शिकायत और 7 मार्च 2024 को अनुपूरक अभियोजन शिकायत दायर की थी। पीएमएलए की विशेष अदालत नीरज सिंघल, ऋतु सिंघल और अन्य आरोपितों के खिलाफ दाखिल शिकायतों का संज्ञान ले चुकी है।

एजेंसी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा चिन्हित बड़े फंसे कर्ज मामलों में भूषण स्टील भी शामिल थी। बाद में कंपनी दिवाला प्रक्रिया से गुजरी और टाटा स्टील ने उसका अधिग्रहण किया था। ईडी और एसएफआईओ की जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं, धन की हेराफेरी और बैंक ऋण के दुरुपयोग से संबंधित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर