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चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी की

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चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी की


नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को असम, केरल एवं पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव और गोवा, कर्नाटक, नगालैंड एवं त्रिपुरा की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी।इसी के साथ इन क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी।

चुनाव आयोग ने बतया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और मुख्य चुनाव अधिकारियों को आचार संहिता (एमसीसी) तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। एमसीसी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र सरकार पर भी लागू होगा।

आयोग ने सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्ति से चुनावी डिफेसमेंट हटाने, सरकारी गाड़ी या घर का गलत इस्तेमाल रोकने और सरकारी खर्च पर विज्ञापन जारी करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने नागरिकों की निजता का रोकने के लिए आम लोगों के घरों के बाहर कोई प्रदर्शन या धरना देने पर रोक लगाई है। और मालिक की सहमति के बिना जमीन, इमारत या दीवारों का इस्तेमाल झंडे, बैनर या पोस्टर के लिए इस्तेमाल करने पर भी रोक लगाई है।

आयोग ने शिकायतों के लिए आयोग ने एक मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है, जिसमें 1950 कॉल सेंटर नंबर का प्रयोग किया जाएगा। इसके जरिए आम नागरिक या राजनीतिक दल संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या रिटर्निंग ऑफिसर के पास शिकायत दर्ज करा पाएंगे। इसके अलावा नागरिक और राजनीतिक दल सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल करके एमसीसी उल्लंघन की रिपोर्ट भी कर सकते हैं। शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड और 5200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीम तैनात की गई हैं।

आयोग ने बताया कि राजनीतिक दलों को मीटिंग और जुलूस से पहले पुलिस अधिकारियों को सूचित करना होगा ताकि ट्रैफिक और सुरक्षा का इंतजाम किया जा सके। लाउडस्पीकर और अन्य सुविधाओं के लिए जरूरी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। मंत्री चुनाव प्रचार के साथ आधिकारिक काम नहीं करेंगे और न ही सरकारी मशीनरी, परिवहन या लोगों का इस्तेमाल करेंगे।

सभी स्तर के अधिकारियों को एमसीसी लागू करने, सभी दलों के साथ समान व्यवहार करने और आधिकारिक सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए बिना भेदभाव काम करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें मीटिंग, जुलूस और मतदान इंतजाम को सही तरीके से रेगुलेट करना होगा, कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी होगी।

साथ ही आयोग ने सुविदा मॉड्यूल (चुनाव प्रचार के दौरान मैदान, हेलीपैड जैसी सार्वजनिक जगहों के इस्तेमाल के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए बनाया गया डिजिटल प्लेटफॉर्म) को सक्रिय कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों की तिथियां घोषित की थीं। इसके तहत 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होंगे, साथ ही गोवा (पोंडा), कर्नाटक (बागलकोट, दावणगेरे साउथ), नगालैंड (कोरिडांग) और त्रिपुरा (धर्मनगर) की सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। इसके बाद 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान होगा, इसी दिन गुजरात (उमरेठ) और महाराष्ट्र (राहुरी, बारामती) की सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। फिर 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान होगा। 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर