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सूरत का दीप प्रजापति हो गया चर्चित, कहा-'मैं बंगाल को बचाने गया था'

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सूरत का दीप प्रजापति हो गया चर्चित, कहा-'मैं बंगाल को बचाने गया था'


सूरत/कोलकाता, 03 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के बीच सूरत के एक युवक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सूरत के भाजपा कार्यकर्ता दीप प्रजापति पर राज्य का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है।

इस पर पलटवार करते हुए दीप प्रजापति ने कहा कि वह “बंगाल को बचाने” के उद्देश्य से वहां गया था और उसने टीएमसी सरकार को क्रूर बताया। यह बात वह कोलकाता चुनाव में भवानीपुर विधानसभा में प्रचार-प्रसार कर सूरत लौटने के बाद कही है।

दीप प्रजापति ने कहा कि वह पिछले करीब ढाई महीने से बंगाल में रहकर लोगों के बीच काम कर रहा था। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य वहां की “जमीनी हकीकत” को जनता तक पहुंचाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार को हटाना जरूरी है और वहां की स्थिति को लेकर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए।

मतगणना केंद्र के पास वाहन रोकने के विवाद पर सफाई देते हुए दीप ने कहा कि एक वाहन संदिग्ध स्थिति में जा रहा था, जिसमें ईवीएम होने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि एक सजग नागरिक होने के नाते मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है और उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया।

दीप ने बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां “गुंडाराज” का माहौल है और आम लोग भय के साये में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के पास अपनी आवाज उठाने का साहस नहीं है और उन्होंने सिर्फ उनकी आवाज बनने का प्रयास किया। अपनी सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने फिलहाल किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं मांगी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सरकार से सुरक्षा मिलने का भरोसा जताया।

उन्होंने यह भी कहा कि वह “राष्ट्र प्रथम” की भावना में विश्वास रखते हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च पर बंगाल में रहकर कार्य किया और संविधान द्वारा मिली स्वतंत्रता के तहत किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन करना उनका अधिकार है। यह वही दीप प्रजापति हैं, जिसका वीडियो दिखाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसे कोलकाता से बाहर निकालने की बात कह रही थीं और इस तरह से वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे