home page

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 46वीं बैठक, पर्यावरण मंत्री ने संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन पर दिया जोर

 | 
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 46वीं बैठक, पर्यावरण मंत्री ने संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन पर दिया जोर


नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को कोयंबटूर में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 46वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राधिकरण की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।

बैठक में देश के चिड़ियाघरों के आधुनिकीकरण, नए प्राणी उद्यानों की स्थापना, आगंतुक शिक्षा को बेहतर बनाने, वैज्ञानिक योजना और आधारभूत संरचना विकास से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की गई।

गुरुवार को पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि भारतीय चिड़ियाघरों को संरक्षण, शिक्षा और अनुसंधान के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में चिड़ियाघरों के प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा ओर से पशु जैव-बैंक नेटवर्क विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिससे संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों को आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से मजबूती मिल सकेगी।

बैठक में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के आधुनिकीकरण, चिड़ियाघर पशु चिकित्सकों और पशु देखभालकर्ताओं के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं तथा वन्यजीव स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इसके साथ ही चिड़ियाघरों के लिए सीएसआर फंड के उपयोग और संसाधन जुटाने संबंधी समिति की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। साइट्स के अंतर्गत सूचीबद्ध गैर-देशी वन्यजीव प्रजातियों के अवैध कब्जे और प्रदर्शन के मामलों में कानूनी प्रावधानों के प्रभावी पालन पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर भूपेंद्र यादव ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण का न्यूज़लेटर जारी किया, जिसमें भारतीय चिड़ियाघरों में संरक्षण प्रजनन, वन्यजीव स्वास्थ्य, वैज्ञानिक प्रबंधन और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी