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आंध्र प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ा चक्रवात ‘अर्नब’, 20 जिलों में 2131 राहत केंद्र स्थापित

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हैदराबाद, 27 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के साथ ही राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के निकट तट पार करने की आशंका है। इस दौरान यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यापक तैयारियां की हैं और तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

राज्य प्रशासन ने चक्रवात से निपटने के लिए 20 जिलों में 2,131 राहत केंद्र स्थापित किए हैं। एनडीआरएफ की १२ टीमें और एसडीआरएफ की १० टीमें १४ संवेदनशील जिलों में तैनात की गई हैं। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से अस्पतालों में पहुंचाने, मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और चिकित्सा दलों की तैनाती जैसे कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की है।

तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए कई क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है। दक्षिण मध्य रेलवे ने विशाखापत्तनम, काकीनाडा और विजयवाड़ा से गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि विशाखापत्तनम आने-जाने वाली कुछ उड़ानें भी रद्द या परिवर्तित की गई हैं। अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

चक्रवात के प्रभाव से विशाखापत्तनम में मंगलवार सुबह से हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति भी बन गई है। कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़कर गिर गए और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। आंध्र प्रदेश में करीब 50,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता पड़ सकती है।

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने उत्तरी तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने मंगलवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की संभावना है। इसके चलते उत्तरी तटीय जिलों में भारी बारिश हो सकती है। तूफान के तट से टकराने के दौरान समुद्र में बेहद ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को चक्रवात ‘अर्नब’ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, पहले से एहतियाती कदम उठाने और जान-माल के नुकसान को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम के संभावित प्रभावों के आधार पर लोगों को समय रहते सतर्क किया जाए और नुकसान कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार रखने तथा बिजली और परिवहन सेवाओं को जल्द बहाल करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj