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कांग्रेस ने चीन के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा

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कांग्रेस ने चीन के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा


नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस ने चीन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए अरुणाचल प्रदेश में सीमा सुरक्षा, सैनिकों की स्थिति और चीन पर बढ़ती आर्थिक निर्भरता को लेकर सवाल उठाए हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि मोदी सरकार चीन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सच्चाई छिपाने और उसके सामने झुकने की नीति अपना रही है।

खेड़ा ने दावा किया कि भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच झड़पें जारी हैं। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के कथित बयान से यह मुद्दा फिर चर्चा में आया है। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के साहस की सराहना करते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

खेड़ा ने 2020 के गलवान संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान 20 भारतीय सैनिक बलिदान हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चीन को क्लीन चिट दी और सीमा पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की। उन्होंने पेट्रोलिंग पॉइंट तक भारतीय सैनिकों की पहुंच और पूर्वी लद्दाख में अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बहाल होने पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह 99 अरब डॉलर से बढ़कर 112 अरब डॉलर हो गया है। उन्होंने चीनी निवेश, वीजा नियमों, दुर्लभ खनिजों, उर्वरकों और दवाओं के कच्चे माल पर निर्भरता को लेकर भी सरकार की आलोचना की।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि सीमा विवाद पर सरकार की नीति में बदलाव से चीन को लाभ मिला है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के शेरा-5, असाफिला, माजा और तस्किन क्षेत्रों में गश्त की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा। साथ ही पूछा कि चीन के साथ उच्चस्तरीय बैठकों के बावजूद भारत को क्या हासिल हुआ है।

उल्लेखनीय है आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को अलवर में एक कार्यक्रम में कहा था कि जुलाई से अरुणाचल प्रदेश के कई स्थलों पर चीनी सैनिकों के साथ झड़पें जारी हैं। उन्होंने नवगठित शौर्य कमांडो के प्रदर्शन की प्रशंसा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा