डीजल-पेट्रोल के दाम फिर बढ़े, कांग्रेस बोली- संकट के समय जनता को राहत नहीं दे रही सरकार
नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और तेल कंपनियों के मुनाफे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क के जरिए जनता से 43 लाख करोड़ रुपये वसूले, लेकिन आर्थिक संकट के समय लोगों को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों के संयुक्त शुद्ध लाभ में चौथी तिमाही में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रागिनी नायक ने सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाल की चुनावी रैलियों में कह रहे थे कि देश में तेल का कोई संकट नहीं है और महंगाई नहीं बढ़ेगी। गृहमंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी यही कह रहे थे कि देश के तेल भंडार पर्याप्त हैं और किसी प्रकार का संकट नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि स्थिति सामान्य थी तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार क्यों बढ़ाए जा रहे हैं। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल की कीमत में आठ रुपये और डीजल में 7.80 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क के जरिए जनता से 43 लाख करोड़ रुपये की वसूली की, लेकिन आर्थिक संकट के समय लोगों को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस वैश्विक संकट का हवाला सरकार दे रही है, उसी दौरान इन कंपनियों का संयुक्त लाभ 19,470 करोड़ रुपये रहा।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद पेट्रोल 71 रुपये और डीजल 50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था तथा उस समय उत्पाद शुल्क में वृद्धि नहीं की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में उत्पाद शुल्क 33 रुपये तक पहुंच गया।
रागिनी नायक ने विदेश नीति, ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। होर्मुज जलडमरूमध्य में अब भी 13 जहाज फंसे हुए हैं और देश में तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने पूछा कि सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।
उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी हुई है। 25 मई को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। 18 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी तथा सीएनजी एक रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। वहीं 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे और सीएनजी दो रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। इससे पहले 01 मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

