छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के लिए माफी मांगें प्रधानमंत्री : खरगे
नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं और छात्रों के मुद्दे, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों तथा अन्य जनहित के विषयों पर चर्चा से बच रहे हैं।
खरगे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री को युवाओं पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रधानमंत्री संसद में आने के बजाय बच्चों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री न तो चढ़ावा चोरी के आरोपों पर बोल रहे हैं और न ही छात्रों पर कार्रवाई को लेकर जवाब दे रहे हैं। मासूम छात्रों को देशद्रोही नहीं कहा जाना चाहिए।
खरगे ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का संसद में उपस्थित नहीं होना लोकतंत्र, संसद एवं जनता का अपमान है। लोकतंत्र में बहस और जवाबदेही आवश्यक है। यदि विपक्ष के तर्क गलत हैं तो सरकार को सदन में आकर उनका जवाब देना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री संसद में आकर चर्चा नहीं कर रहे हैं।
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हैं, जबकि उन्हें संसद या प्रेस वार्ता में आकर सवालों का सामना करना चाहिए। छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें माफ करने की बात कहना उचित नहीं है। यदि छात्रों के साथ गलत हुआ है तो प्रधानमंत्री को उनसे माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि नीट प्रश्नपत्र लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर छात्र स्वतः सड़कों पर उतरे थे। सरकार प्रदर्शन करने वाले छात्रों की पहचान, परिवार और आर्थिक स्थिति की जांच कर उन्हें और उनके अभिभावकों को डराने का प्रयास कर रही है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की भावनाओं के अनुरूप आंदोलन कर रहा है और संसद में इन मुद्दों पर चर्चा चाहता है। प्रधानमंत्री को सदन में उपस्थित होकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
चढ़ावा चोरी के आरोपों पर खरगे ने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई बहुमूल्य वस्तुओं को लेकर उठे सवालों का सरकार ने अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। विपक्ष संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों को उठाता रहेगा तथा सरकार से जवाबदेही की मांग करता रहेगा।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

