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इतिहास के पन्नों में २८ जूूनः वह शांति संधि जिसने दूसरे विश्वयुद्ध की पटकथा तैयार की

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इतिहास के पन्नों में २८ जूूनः वह शांति संधि जिसने दूसरे विश्वयुद्ध की पटकथा तैयार की


प्रथम विश्वयुद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों और जर्मनी के बीच 28 जून 1919 को फ्रांस के वर्साय पैलेस में सबसे महत्वपूर्ण शांति संधि पर हस्ताक्षर हुए। इसने युद्ध की स्थिति को समाप्त कर दिया लेकिन इसकी अत्यधिक कठोर शर्तों ने द्वितीय विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की।

इस संधि के कठोर प्रावधानों में जर्मनी को प्रथम विश्वयुद्ध के लिए एकमात्र जिम्मेदार ठहराया गया और जर्मनी पर युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक भारी राशि (लगभग 132 बिलियन गोल्ड मार्क्स) का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही जर्मनी को अपने कुल भू-भाग का लगभग 13% और अपनी आबादी का 10% हिस्सा खोना पड़ा। एल्सेस-लोरेन को फ्रांस को वापस सौंप दिया गया और पोलैंड को एक गलियारा दिया गया, जिससे जर्मनी दो हिस्सों में बंट गया। जर्मनी की सैन्य शक्ति को पूरी तरह पंगु बना दिया गया और उसकी सेना को सीमित करके 1 लाख सैनिक कर दिए गए, भारी तोपों और पनडुब्बियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया तथा वायुसेना रखने की अनुमति नहीं दी गई।

जर्मनी के लिए यह संधि अत्यंत अपमानजनक थी। इस 'जबरन थोपी गई शांति' ने जर्मन नागरिकों को गहरे आक्रोश से भर दिया। इसी अपमान का बदला लेने की भावना ने एडोल्फ हिटलर और नाज़ीवाद के उदय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो अंततः द्वितीय विश्वयुद्ध का कारण बना।

महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1919 - वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर।

1999 - रूमानिया ने अपनी वायु सेना में रूसी विमानों की उड़ान पर रोक लगाई।

2003 - इस्रायल-फ़िलिस्तीन पश्चिम एशिया में खूनख़राबा रोकने के लिए क़दम उठाने पर सहमत।

2004 - अमेरिकी गठबंधन की सेना ने ईराक की अंतरिम सरकार को संप्रभुता सौंपी।

2005 - रूस द्वारा ईरान के लिए छह परमाणु रिएक्टर बनाने की घोषणा।

2007 - जाफना के पूर्व प्रधानमंत्री किची मियाजावा का निधन।

2008 -बैंक आफ इण्डिया के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक टी. एस. नारायण स्वामी को इण्डियन बैंकर्स एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। -वेतन आयोग ने पत्रकार व ग़ैरपत्रकार कर्मचारियों को 8 जनवरी, 2008 को मूल वेतन पर 30% की अन्तरिम राहत देने की सिफ़ारिश की।

-लंदन में एक समारोह में नासिरा शर्मा को उनके उपन्यास कुईयां जान के लिए 14वां अंतर्राष्ट्रीय इंदुशर्मा कथा सम्मान प्रदान किया गया।

2010 - हावड़ा से मुंबई (कुर्ला) जा रही मिदनापुर ज़िले में हावड़ा कुर्ला लोकमान्य तिलक ज्ञानेश्वरी सुपर डीलक्स एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए जिन्हें विपरीत दिशा से आ रही एक मालगाड़ी ने ज़ोरदार टक्कर मारी जिससे 149 यात्रियों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए।

जन्म

1995 - मरियप्पन थंगावेलु - भारत के ऊँची कूद के खिलाड़ी हैं।

1960 - प्रहलाद सिंह पटेल - भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं।

1883 - शिवप्रसाद गुप्त - हिन्दी के समाचार पत्र 'दैनिक आज' के संस्थापक और प्रसिद्ध क्रान्तिकारी।

1921 - नरसिंह राव पी. वी. - भारत के पूर्व प्रधानमंत्री।

1976 - जसपाल राणा - भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज।

निधन

2012 - अमर गोस्वामी - भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार व उपन्यासकार।

1999 - कैप्टन नीकेझाकू - 'महावीर चक्र' से सम्मानित भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी थे।

1972 - पी. सी. महालनोबिस - प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद

महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

ग़रीब दिवस (पी. वी. नरसिंह राव का जन्म दिवस)

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव पाश