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केंद्र व राज्य के संयुक्त प्रयास से पूरा होगा 'घाटाल मास्टर प्लान'- शुभेंद्रु अधिकारी

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केंद्र व राज्य के संयुक्त प्रयास से पूरा होगा 'घाटाल मास्टर प्लान'- शुभेंद्रु अधिकारी


-दिल्ली में दो पड़ोसी राज्यों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री का ऐलान

कोलकाता, 27 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में बंगाल, बिहार और झारखंड के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि बहुप्रतीक्षित 'घाटाल मास्टर प्लान' पर अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी। परियोजना की रूपरेखा देश के शीर्ष संस्थानों- आईआईटी कानपुर और आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार की जाएगी, जिसके तहत 12 स्पर का निर्माण किया जाएगा।

मंगलवार को आयोजित इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अतिरिक्त बिहार और झारखंड के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान गंगा के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने और नदी तल से गाद (सिल्ट) निकालने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश के शीर्ष आईआईटी संस्थानों की देखरेख में घाटाल मास्टर प्लान का काम बहुत जल्द और तेजी से शुरू किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट और मालदा के हालात पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा की गई। इस त्रिपक्षीय वार्ता में मालदा जिले में गंगा के भीषण कटाव को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिसने राज्य प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

गौरतलब है कि इस साल मानसून के दौरान कालियाचक के भूतनीचर इलाके ने भीषण बाढ़ का सामना किया था। मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा से पहले उस इलाके का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों को कई राहत परियोजनाओं की सौगात दी थी। हाल ही में राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने भी मालदा का दौरा कर स्थानीय जिला प्रशासन के साथ हालात की समीक्षा की थी और विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी।

चालू वित्त वर्ष में घाटाल मास्टर प्लान के कार्यों को गति देने के लिए एक हजार 200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। सरकार ने अगले साल जून तक इस परियोजना का अधिकांश काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि संपूर्ण मास्टर प्लान को 2028 तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। इस मास्टर प्लान के जमीनी स्तर पर सुचारू क्रियान्वयन और निगरानी के लिए घाटाल, चंद्रकोणा और दासपुर के स्थानीय विधायकों को लेकर एक विशेष टीम का भी गठन किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा