असम बाढ़: मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नड्डा के साथ मिलकर की समीक्षा
- मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से एनडीआरएफ के नियमों में ढील देने का आग्रह
डिब्रूगढ़, 05 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ मिलकर असम में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और डिब्रूगढ़ में मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित बैठक में बाढ़ से पैदा हुई मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
बैठक में ऊपरी असम के जिलों - शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट - में आई विनाशकारी बाढ़ पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें मौजूदा मॉनसून सीजन के दौरान इन जिलों में बाढ़ के असर, बाढ़ प्रभावित लोगों को दी गई राहत सहायता और उनके पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत में, असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव एल.एस. चांगसन ने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए बाढ़ प्रभावित जिलों, प्रभावित और मृत लोगों की संख्या, प्रभावित पशुओं की संख्या, कृषि भूमि को हुए नुकसान, बाढ़ प्रभावित लोगों के बचाव और राहत के लिए उठाए गए कदमों, और राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बाढ़ की स्थिति की निगरानी और समीक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कहा कि उपरी असम में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एनडीआरएफ) के नियमों में ढील देने की सुविधा का आग्रह किया ताकि ज़्यादा से ज़्यादा प्रभावित लोगों को ज़्यादा मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चार जिलों में हालिया बाढ़ से हुए स्थायी नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे करने के वास्ते 07 और 08 अगस्त को अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सर्वे का काम 09 अगस्त से शुरू होगा।
बाढ़ की स्थिति से निपटने में केंद्र सरकार से मिली मदद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले दिन से ही स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बाढ़ की स्थिति, बचाव कार्यों और राहत उपलब्ध कराने के संबंध में राज्य सरकार के लगातार संपर्क में रहे हैं। मुख्यमंत्री ने असम में संकट के इस दौर में केंद्र सरकार से मिले पूरे सहयोग के लिए उनका आभार जताया।
यह देखते हुए कि असम में बाढ़ का खतरा आम तौर पर अक्टूबर के मध्य तक बना रहता है, मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने ज़िला आयुक्तों से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री के उस प्रस्ताव के बारे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को जानकारी देंगे, जिसमें 'नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ंड' (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष) के नियमों में ढील देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी और संकट के इस समय में असम को हर संभव मदद देगी।
केंद्रीय मंत्री ने ऊपरी असम में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों और राहत पहुंचाने में असम सरकार द्वारा दिखाई गई तत्परता और कुशलता की भी सराहना की।
बैठक में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल, विधायक और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरंग गोगोई, जल संसाधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव सैयदैन अब्बासी, अतिरिक्त मुख्य सचिव एलएस चांगसन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

