सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में टामन सोनवानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
रायपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाला मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को शुक्रवार को रिमांड खत्म होने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत के निर्देश पर टामन सोनवानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत टामन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 31 जुलाई तक ईडी की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद ईडी ने उन्हें आज रायपुर की विशेष पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह मामला साल 2020 और 2021 की सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक करने, आपराधिक साजिश और वित्तीय अनियमितताओं (भ्रष्टाचार) से जुड़ा है। आरोप है कि सोनवानी ने अपने करीबी रिश्तेदारों और रसूखदार लोगों को लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम और रिश्वत ली।
उल्लेखनीय है कि टामन सिंह सोनवानी को सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में सीबीआई ने दो साल पहले गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं। प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए कथित तौर पर अवैध लेन-देन किया गया था। अब ईडी टामन सोनवानी को गिरफ्तार कर इस मामले की गहन जांच कर रही है।
सीबीआई के मुताबिक टामन ने परीक्षा के पर्चे अपने घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को दिए। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने लीक हुआ पेपर बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को सौंपा। श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी लीक पेपर से तैयारी की। परिणामस्वरूप दोनों डिप्टी कलेक्टर बन गए।
सीजीपीएससी ने 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। अब ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

