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केंद्रीय मंत्री शिवराज ने आईसीएआर-एनआईबीएसएम के कृषि अनुसंधान कार्यों की सराहना की

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केंद्रीय मंत्री शिवराज ने आईसीएआर-एनआईबीएसएम के कृषि अनुसंधान कार्यों की सराहना की


रायपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि अनुसंधान, जैविक तनाव प्रबंधन और किसानोन्मुख तकनीकों के विकास में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम) रायपुर के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और नई तकनीकों का विकास आवश्यक है।

केंद्रीय कृषि मंत्री के शुक्रवार काे रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान आईसीएआर-एनआईबीएसएम के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर संस्थान के अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों और प्रमुख पहलों की जानकारी दी।

डॉ. राय ने फसलों में कीट एवं रोगों सहित विभिन्न जैविक तनावों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान और तकनीकी प्रयासों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने फसल उत्पादकता बढ़ाने, कृषि क्षेत्र की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की जा रही सतत एवं किसानोन्मुख तकनीकों की भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि राज्य के कृषि विभाग के साथ समन्वय कर कृषि अनुसंधान और तकनीकी हस्तांतरण को प्रभावी बनाने के लिए भी संस्थान द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित आईसीएआर-एनआईबीएसएम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महत्वपूर्ण संस्थानों में शामिल है। उन्होंने संस्थान के अनुसंधान कार्यों, नवाचारों और किसान-केंद्रित पहलों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने निकट भविष्य में संस्थान का दौरा कर इसकी अनुसंधान गतिविधियों और तकनीकी पहलों का अवलोकन करने की इच्छा भी व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि फसलों को विभिन्न जैविक तनावों से बचाने, उत्पादकता बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नई तकनीकों का विकास समय की आवश्यकता है। इस दिशा में आईसीएआर-एनआईबीएसएम के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री और संस्थान के निदेशक के बीच हुई मुलाकात से केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच कृषि अनुसंधान, फसल तनाव प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी सामने आई।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल