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प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों के पालन में छत्तीसगढ़ में आईपीएस अधिकारियों ने गोद लिए थाने

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प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों के पालन में छत्तीसगढ़ में आईपीएस अधिकारियों ने गोद लिए थाने


- पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने चुना रतनपुर

रायपुर, 12 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम की पहल पर आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने एक-एक थाना गोद लिया है। पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने खुद रतनपुर थाना चुना है, जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी पसंद के थाने चुने हैं।

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार डीजीपी अरुणदेव गौतम समेत राज्य के 125 भारतीय पुलिस सेवा और राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को विभिन्न थानों की जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार, यह कार्ययोजना पिछले वर्ष नवा रायपुर में आयोजित 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में तैयार की गई है।सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुलिस तंत्र को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेने का निर्देश दिया था। छत्तीसगढ़ देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जिसने इस पहल को तेजी से लागू किया है।

पुलिस मुख्यालय और प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट किया गया है किइस योजना का मुख्य उद्देश्य बीट पुलिसिंग को मजबूत करना है। इससे क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों, नए लोगों की एंट्री और अपराधियों की निगरानी आसान होगी। साथ ही पुलिस-जन संवाद बेहतर होगा और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर दिया जाएगा।

मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी थानों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे, लेकिन इसपूरी प्रक्रिया के दौरान थाने की नियमित पुलिसिंग और रोजमर्रा का कामकाज किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

बताय गया है कि अपर पुलिस महानिदेशक एसआरपी कल्लूरी ने बस्तर के कोतवाली थाने को चुना है, वहीं एडीजी प्रदीप गुप्ता ने महासमुंद के तुमगांव और एडीजी दीपांशु काबरा ने अंबिकापुर कोतवाली को गोद लिया है। इसी क्रम में एडीजी अमित कुमार को राजनांदगांव का लालबाग थाना, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला को रायपुर का टिकरापारा थाना और आईजी अमरेश मिश्रा को बलौदाबाजार का हदबंद थाना आवंटित हुआ है।

बताया गया है कि इस कदम का सबसे बड़ा लक्ष्य जमीनी स्तर पर बीट पुलिसिंग को मजबूत करना है, ताकि अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर सीधी निगरानी रखी जा सके।वरिष्ठ अधिकारी थानों के रिकॉर्ड दुरुस्त करने, मालखानों को आधुनिक (स्मार्ट) बनाने और लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा करने में मदद करेंगे। पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी अधिकारी 15 अगस्त के बाद अपने-अपने थानों का दौरा करेंगे, वहां की समस्याओं को समझेंगे और सुधार के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगे। इन अधिकारियों का एक रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया जाएगा।पूरी योजना की कमान और निगरानी डीजीपी अरुणदेव गौतम खुद संभालेंगे। वे इस बात की लगातार समीक्षा करेंगे कि अधिकारी कब-कब थाने जा रहे हैं, वहां के स्टाफ के साथ बैठकें कर रहे हैं या नहीं और थानों को 'स्मार्ट' बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

आई पी एस अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए थानों की सूची -

आईपीएस एसआरपी कल्लूरी -कोतवाली थाना बस्तर

आईपीएस प्रदीप गुप्ता – तुमगांव थाना महासमुंद

आईपीएस विवेकानंद – चारामा कांकेर थाना

आईपीएस दीपांशु काबरा- कोतवाली थाना अंबिकापुर

आईपीएस- अमित कुमार – लालबाग थाना राजनांदगांव

आईपीएस- डॉ आनंद छाबड़ा – घरघोड़ा थाना रायगढ़

आईपीएस ओपी पाल – बिलाईगढ़ सारंगढ़ थाना

आईपीएस अजय यादव – पथरिया मुंगेली थाना

आईपीएस संजीव शुक्ला – टिकरापारा थाना रायपुर

आईपीएस अमरेश मिश्रा – हथबंद बलौदाबाजार थाना

आईपीएस बीएन मीणा- गुंडरदेही थाना बालोद

आईपीएस एमएल कोटवानी- अमलेश्वर थाना दुर्ग

आईपीएस अजातशत्रु – कोतवाली थाना महासमुंद

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा