कुष्ठ रोग के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार की पहल, विशेष राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू
नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम(एनएलईपी) के तहत केन्द्रीय कुष्ठ डिविजन विशेष कार्याशला की शुरुआत की। इंदौर में आयोजित दो दिवसीय इस कार्यशाला का उद्देश्य कुष्ठ रोग की रोकथाम के लिए कार्यक्रम के क्रियान्वयन को मजबूत करना, स्वास्थ्य अधिकारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना तथा संक्रमण के प्रसार को रोकने की दिशा में अंतिम चरण की कार्रवाई को तेज करना है।
कार्यशाला में 70 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें स्वास्थ्य महानिदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक, उप महानिदेशक (कुष्ठ), केंद्रीय कुष्ठ प्रभाग के अधिकारी, राज्य कुष्ठ अधिकारियों, मध्य प्रदेश के सभी 51 जिलों के जिला कुष्ठ अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला सलाहकारों तथा तकनीकी साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार
कार्यशाला में कुष्ठ रोग की वर्तमान स्थिति और कार्यक्रम के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों और प्रभावी उपायों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से रोग की जल्द पहचान, संपर्क में आने वाले लोगों की जांच, समय पर उपचार शुरू करना और उपचार पूरा कराना, दिव्यांगता की रोकथाम तथा निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया। डॉ. सुनील वी. गिट्टे, उप महानिदेशक (कुष्ठ) ने कार्यक्रम के आंकड़ों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि इनके माध्यम से ऐसे जिलों और क्षेत्रों की पहचान की जानी चाहिए जहां विशेष निगरानी और लक्षित हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उन्होंने कुष्ठ रोग की प्रसार दर को 10,000 आबादी पर 1 से कम करने तथा शुरुआती पहचान, संपर्क जांच, समय पर उपचार और दिव्यांगता रोकथाम को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की राष्ट्रीय कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रश्मि शुक्ला ने एलसीडीसी की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार पर तकनीकी जानकारी दी। अलीराजपुर, अनूपपुर, बड़वानी, बुरहानपुर और धार जैसे जिलों ने कार्यक्रम की प्रगति, स्थानीय चुनौतियों, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और रोग की जल्द पहचान एवं उपचार को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
इस अनुभव-साझाकरण से विभिन्न जिलों को एक-दूसरे से सीखने और सफल उपायों को अन्य क्षेत्रों में लागू करने का अवसर मिला।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

