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पश्चिम एशिया संकट पर सीसीएस की बैठक, आम लोगों पर असर कम करने के लिए व्यापक उपायों की समीक्षा

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नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की विशेष बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, कीमतों की स्थिरता और विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के उपायों की समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बैठक में कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न हस्तक्षेपों पर चर्चा हुई। पेट्रोलियम उत्पादों विशेषकर एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों के विविधीकरण पर जोर दिया गया, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी कीमतों को स्थिर बनाए रखने और जमाखोरी-कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी रखने की जानकारी दी गई।

सरकार ने बताया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शनों के विस्तार, गैस आधारित बिजली संयंत्रों को राहत, और तापीय बिजली संयंत्रों में कोयले की उपलब्धता बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं, ताकि गर्मियों में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे। सरकार के अनुसार, आने वाले महीनों के लिए पर्याप्त कोयला भंडार उपलब्ध है।

उर्वरक आपूर्ति को लेकर यूरिया उत्पादन बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय किया जा रहा है। राज्यों को उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई तेज करने को कहा गया है।

खाद्य वस्तुओं की खुदरा कीमतें पिछले एक महीने में स्थिर बनी हुई हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और कीमतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।

बैठक में ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति शृंखलाओं के वैश्विक स्रोतों के विविधीकरण, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और कूटनीतिक प्रयासों पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का आकलन किया और खरीफ तथा रबी सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इस वैश्विक संकट के प्रभाव से नागरिकों को सुरक्षित रखना है।

प्रधानमंत्री ने यह भी जोर दिया कि गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही और समय पर जानकारी का सुचारु प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे प्रभावित क्षेत्रों और नागरिकों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार