भ्रामक दावे को लेकर 'वाजीराम एंड रवि' कोचिंग संस्थान पर सात लाख का जुर्माना
नई दिल्ली, 30 मई (हि.स.)। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले संस्थान 'वाजीराम एंड रवि आईएएस स्टडी सेंटर एलएलपी' पर सिविल सेवा परिणामों पर भ्रामक और गलत दावे करने पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने पाया कि संस्थान ने सफल अभ्यर्थियों के नाम और उपलब्धियों का उपयोग करते समय यह तथ्य छिपाया कि अधिकांश उम्मीदवार कोचिंग संस्थान के केवल मुफ्त साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए थे, न कि पूर्णकालिक कोचिंग पाठ्यक्रमों में।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि सीसीपीए की प्रमुख आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता में पारित आदेश में कहा गया कि संस्थान ने 2023 की परीक्षा के बाद अपनी वेबसाइट पर दावा किया कि शीर्ष 10 में आठ और शीर्ष 50 में 37 अभ्यर्थी उनके संस्थान से हैं। जबकि जांच में पाया गया कि इनमें से अधिकांश केवल साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम से जुड़े थे।
जांच में सामने आया कि संस्थान का दावा था कि टॉप 10 में से 8 अभ्यर्थी वाजीराम एंड रवि से थे, जबकि जांच में पाया गया कि इनमें से 7 अभ्यर्थी केवल मुफ्त साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी तरह, संस्थान ने दावा किया था कि टॉप 50 में 37 अभ्यर्थी वाजीराम एंड रवि से थे, इस पर भी जांच में पाया गया कि 29 अभ्यर्थी केवल मुफ्त साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम से जुड़े थे। संस्थान ने यह भी कहा कि हर साल 30 प्रतिशत से अधिक अधिकारी उनके संस्थान से होते हैं, जबकि वास्तविकता यह रही कि 2021 में 86.36 प्रतिशत, 2022 में 78.31 प्रतिशत, 2023 में 97.56 प्रतिशत और 2024 में 71.69 प्रतिशत सफल अभ्यर्थी केवल साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
सीसीपीए ने कहा कि इस तरह की जानकारी छिपाना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में आता है और इससे छात्रों को सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने का अवसर नहीं मिलता। प्राधिकरण ने कहा कि साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम तभी शुरू होता है जब अभ्यर्थी स्वतंत्र रूप से प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर चुके हों। ऐसे में इन अभ्यर्थियों को पूर्णकालिक कोचिंग का हिस्सा बताना गलत छवि प्रस्तुत करता है।
उल्लेखनीय है कि सीसीपीए की ओर से अब तक सीसीपीए ने कोचिंग संस्थानों को भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार के मामलों में 60 से अधिक नोटिस जारी किए हैं और 1.46 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। इनमें यूपीएससी, आईआईटी‑जेईई, नीट, आरबीआई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने वाले संस्थान शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

