सीबीआई ने फरार सीजीएसटी अतिरिक्त आयुक्त को ऋषिकेश से पकड़ा
नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के मामले में फरार चल रहे सीजीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कांठेती को ऋषिकेश से पकड़ लिया है। वह बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई के समक्ष पेश होने के बजाय फरार हो गए थे। सीबीआई ने उन्हें अब हिरासत में ले लिया है।
सीबीआई के मुंबई स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 26 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम- 1988 की धारा सात के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत में सीजीएसटी, खांदेश्वर, रायगढ़ के अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा पर शिकायतकर्ता की फर्म से संबंधित कार्रवाई के बदले अवैध रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। शुरुआत में 1.50 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया।
सीबीआई ने 27 अगस्त को जाल बिछाया। इस दौरान एक निजी व्यक्ति और कस्टम्स हाउस एजेंट नरेंद्र राजपूत को 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। सीबीआई के अनुसार वह यह रकम सीजीएसटी अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कांठेती की ओर से स्वीकार कर रहा था।
मामले में तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर विशेष सीबीआई अदालत, ठाणे के समक्ष पेश किया गया था। सीबीआई ने पूछताछ के लिए पांच दिन की हिरासत मांगी थी। हालांकि 28 अगस्त को विशेष अदालत ने हिरासत की मांग खारिज करते हुए गिरफ्तारियों को अवैध माना और आरोपितों को जमानत पर रिहा कर दिया।
सीबीआई ने विशेष अदालत के इस आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका के जरिए चुनौती दी। 16 सितंबर को हाई कोर्ट ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और आरोपितों को दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पाया कि आरोपितों को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में बताए गए थे और संबंधित परिजनों तथा वकीलों को भी इसकी सूचना दी गई थी।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीजीएसटी अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत को दो दिन की सीबीआई हिरासत में लिया गया। इसके बाद अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, अतिरिक्त आयुक्त विनय कुमार कांठेती हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के बजाय फरार हो गए थे। सीबीआई ने उनकी तलाश शुरू की और अब उन्हें ऋषिकेश से पकड़ लिया है।
मामले में आरोपितों की पहचान राकेश कुमार सिन्हा, अधीक्षक, सीजीएसटी, खांदेश्वर, रायगढ़ (ए-1), नरेंद्र राजपूत, निजी व्यक्ति एवं कस्टम्स हाउस एजेंट (ए-2) और विनय कुमार कांठेती, 2009 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी एवं अतिरिक्त आयुक्त, सीजीएसटी (ए-3) के रूप में हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

