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2.01 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 'घोषित अपराधी' पी. अरोकियासामी गिरफ्तार

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2.01 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 'घोषित अपराधी' पी. अरोकियासामी गिरफ्तार


नई दिल्ली/चेन्नई, 06 जून (हि.स.)। केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में पिछले 15 से अधिक वर्षों से फरार चल रहे घोषित अपराधी पी. अरोकियासामी को गिरफ्तार किया है।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने यह मामला 21 जनवरी 2010 को मिली एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। आरोप था कि चेन्नई की कंपनी सन बायो मैन्योर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने तमिलनाडु के सलेम जिले में स्थित 'इंडियन बैंक' की वीरापांडी ब्रांच के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की।

आरोपितों ने वर्मी कल्चर और डेयरी फार्मिंग गतिविधियों के नाम पर बैंक से 201.63 लाख रुपये(करीब 2.01 करोड़ रुपये) का लोन लिया था। लोन लेने के लिए जो संपत्तियां गिरवी रखी गई थीं। आरोपित उनके असली मालिक नहीं थे। इस फर्जीवाड़े के जरिए बैंक को 2.01 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया गया।

गहन जांच के बाद सीबीआई ने इस मामले में कई आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट (आरोप पत्र) दायर की थी। इनमें सन बायो-मैन्योर प्राइवेट लिमिटेड, एस. शक्तिवेल, एस. विजयकुमारी, पी. अरोकियासामी (निजी व्यक्ति) और एस. बालासुब्रमण्यन (ब्रांच मैनेजर, इंडियन बैंक) शामिल हैं।

मुख्य मामले में अन्य दोषियों को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि पी. अरोकियासामी के खिलाफ मामले को अलग कर दिया गया था क्योंकि वह केस दर्ज होने के समय से ही लगातार फरार थे। बैंक रिकॉर्ड में दिया गया उनका पता भी फर्जी पाया गया था। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। साल 2011 में कोयंबटूर की द्वीतिय अतिरिक्त सीबीआई अदालत ने उन्हें 'घोषित अपराधी' करार दे दिया था।

सीबीआई की तमाम कोशिश के बाद चार जून को घोषित अपराधी पी. अरोकियासामी को गिरफ़्तार किया गया। बाद में आरोपित को सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया और उसे 19 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी