पुद्दुचेरी में शुरू हुआ देश का पहला 'डिजिटल खाद्य मुद्रा' पायलट प्रोजेक्ट
नई दिल्ली, 01 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को पुद्दुचेरी में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम एमजीकेवाई) के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित 'डिजिटल खाद्य मुद्रा' पायलट प्रोजेक्ट का भव्य उद्घाटन किया।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सीबीडीसी का एकीकरण भारत की खाद्य सुरक्षा संरचना में एक क्रांतिकारी बदलाव है। हमारा लक्ष्य 'हर दाना, हर रुपया, हर हक' सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और वितरण प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी।
अब तक पुद्दुचेरी में खाद्य सब्सिडी सीधे बैंक खातों में भेजी जाती थी, लेकिन अब इसे सीबीडीसी वॉलेट में स्थानांतरित किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार, मुफ्त अनाज वितरण से परिवारों का भोजन पर होने वाला खर्च 50 प्रतिशत तक कम हो गया है जिससे लोग अब अपनी बचत का उपयोग दूध सब्जी और अन्य पौष्टिक वस्तुओं पर कर पा रहे हैं।पुद्दुचेरी में सफलता के बाद इस पायलट प्रोजेक्ट का विस्तार जल्द ही चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली समेत 3-4 अन्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त परिणामों के आधार पर इसे पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जाएगा।
पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी और उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे वंचितों के सशक्तिकरण का नया अध्याय बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

