एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सख्ती, 19 दिन में 245 निरीक्षण हुए, उल्लंघन के 87 मामले पाए गए
नई दिल्ली, 06 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र(एनसीआर) में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रवर्तन कार्रवाई तेज करते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की प्रवर्तन कार्यबल (ईटीएफ) ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया है। आयोग की 132वीं बैठक में 11 मई से 29 मई 2026 के बीच की गई कार्रवाइयों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि 19 दिन की अवधि में आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने कुल 245 निरीक्षण किए।
सीएक्यूएम ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि 19 दिन में 245 निरीक्षण किए। इनमें निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) स्थलों के 31, औद्योगिक इकाइयों के 74 और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों से संबंधित 140 निरीक्षण शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान कुल 87 उल्लंघन पाए गए, जिनमें सीएंडडी स्थलों के 21, औद्योगिक क्षेत्र के 25 और डीजी सेटों से जुड़े 41 मामले शामिल हैं।
उल्लंघनों के आधार पर 11 परियोजनाओं एवं इकाइयों को बंद करने, 33 डीजी सेट सील करने, 19 मामलों में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी करने तथा 13 मामलों में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (ईसी) लगाने का प्रस्ताव किया गया है।
बैठक में पिछली यानी 131वीं ईटीएफ बैठक के बाद की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। आयोग ने पाया कि औद्योगिक और सीएंडडी क्षेत्रों से जुड़े सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
आयोग ने बताया कि अनुपालन सत्यापन के बाद 18 इकाइयों और परियोजनाओं को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई, जिनमें 13 औद्योगिक इकाइयां और 5 सीएंडडी परियोजनाएं शामिल हैं।
सड़क धूल नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा करते हुए आयोग ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किए गए निरीक्षणों का भी संज्ञान लिया। 9 क्षेत्रों के निरीक्षण में 37 उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद बार-बार नियमों के उल्लंघन पर जीएनआईडीए को नोटिस जारी किया गया। इसी तरह गाजियाबाद नगर निगम द्वारा निरीक्षण किए गए 4 क्षेत्रों में 24 उल्लंघन मिलने पर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आयोग ने फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों को निर्देश दिया कि वे निरीक्षण रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। उसके साथ फोटो एवं वीडियो साक्ष्य भी संलग्न करें। साथ ही औद्योगिक इकाइयों, डीजी सेटों और निर्माण स्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुपालन की सख्ती से निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में 5 जून 2026 तक की संचयी प्रवर्तन स्थिति की भी समीक्षा की गई ।
आयोग के अनुसार अब तक कुल 27,378 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर 1,788 बंदी आदेश जारी किए गए। इनमें से 1,401 मामलों में अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद संचालन बहाली की अनुमति दी गई है। वहीं, 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को भेजा गया है, जबकि 264 मामले अभी समीक्षा के अधीन हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

