एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सख्ती, सत्रह दिन में 62 उल्लंघन के मामले आए सामने
नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की प्रवर्तन कार्यबल की 134वीं बैठक सोमवार को आयोजित हुई। बैठक में 14 जून से 30 जून 2026 के बीच हुई प्रवर्तन कार्रवाई, निरीक्षण और अनुपालन की समीक्षा की गई।
आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने इस दौरान 17 दिनों में कुल 173 निरीक्षण किए। इनमें 15 निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) स्थलों, 91 औद्योगिक इकाइयों और 67 डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों का निरीक्षण शामिल रहा। जांच के दौरान कुल 62 उल्लंघन के मामले सामने आए, जिनमें 7 सीएंडडी साइटों, 31 औद्योगिक इकाइयों और 24 डीजी सेटों से जुड़े मामले शामिल हैं।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर 4 इकाइयों को बंद करने, 27 डीजी सेट सील करने, 6 अनुपालन आदेश जारी करने और 17 मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) लगाने का प्रस्ताव किया गया।
बैठक में 133वीं ईटीएफ बैठक के बाद की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
सोमवार को आयोग ने बताया कि औद्योगिक, सीएंडडी और डीजी सेट से जुड़े सभी मामलों में संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली है। अनुपालन की पुष्टि के बाद 7 परियोजनाओं को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई, जिनमें 2 उत्तर प्रदेश और 5 हरियाणा में हैं।
आयोग ने 6 जुलाई 2026 तक की संचयी प्रवर्तन स्थिति भी साझा की। इसके अनुसार अब तक 27,750 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर 1,802 बंदी आदेश जारी किए गए, जिनमें से 1,424 मामलों में अनुपालन मिलने पर संचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई।
वहीं 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को भेजा गया है, जबकि 255 मामले अभी भी समीक्षा के अधीन हैं।
बैठक में आयोग ने एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करने, समयबद्ध अनुपालन सत्यापन, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और औद्योगिक उत्सर्जन, डीजल जनरेटर तथा निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर सख्त निगरानी जारी रखने पर जोर दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

