कैबिनेट : पावर ग्रिड सहायक कंपनियों में कर सकेगी ज्यादा निवेश
नई दिल्ली, 24 फ़रवरी (हि.स.)। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन को अपनी सहायक कंपनियों में निवेश करने की सीमा 5 हजार से बढ़ा कर 7.5 हजार करोड़ कर दी है। इस मंजूरी से पावरग्रिड को अपने मुख्य व्यवसाय में निवेश बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे गैर-जीवाश्म-आधारित स्रोतों से 500 गीगावाट के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
इस मंजूरी से पावरग्रिड की प्रति सहायक कंपनी इक्विटी निवेश की अनुमति सीमा मौजूदा 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 7.5 हजार करोड़ रुपये हो गई है। हालांकि कंपनी की कुल संपत्ति के 15 प्रतिशत की मौजूदा सीमा बनी रहेगी।
अब पावरग्रिड पूंजी-गहन ट्रांसमिशन परियोजनाओं, जैसे अल्ट्रा हाई वोल्टेज अल्टरनेटिंग करंट और हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट ट्रांसमिशन नेटवर्क के लिए बोलियों में भाग ले सकता है। इसके अतिरिक्त, यह महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए बोलीदाताओं के चयन हेतु टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। इससे बेहतर मूल्य निर्धारण सुनिश्चित होगा और अंततः उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

