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केंद्र ने आईवीएफआरटी योजना को 2031 तक बढ़ाने को मंजूरी दी

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केंद्र ने आईवीएफआरटी योजना को 2031 तक बढ़ाने को मंजूरी दी


नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार ने इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यहां पत्रकारों को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने आईवीएफआरटी 3.0 योजना को 31 मार्च के बाद अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी है। यह योजना अब एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी। इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि आईवीएफआरटी 3.0 का उद्देश्य वैध विदेशी यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करना है। इसके तहत तीन प्रमुख घटकों पर काम किया जाएगा, जिनमें उभरती तकनीकों का उपयोग, बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और सेवाओं का अनुकूलन शामिल है।

उन्होंने बताया कि आईवीएफआरटी 3.0 के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधार आधारित पहचान, चेहरे की पहचान और आंख की पुतली पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे सिस्टम के मुख्य ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा।

वैष्णव ने कहा कि पहले सभी सिस्टम अलग-अलग थे, लेकिन अब उन्हें एकीकृत कर दिया गया है। नई व्यवस्था में जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति से संबंधित जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सरकार के अनुसार इस योजना के तहत देशभर में 117 इमिग्रेशन पोस्ट, 15 विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी और 850 से अधिक विदेशी पंजीकरण अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त कार्यालय जुड़े हुए हैं। पिछले वर्षों में इस सिस्टम के जरिए 91 प्रतिशत से अधिक ई-वीजा आवेदन 72 घंटे के भीतर निपटाए गए हैं।

इसके अलावा 13 बड़े हवाई अड्डों पर लागू फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम के जरिए यात्रियों का इमिग्रेशन क्लियरेंस समय घटकर 30 सेकंड रह गया है। इसका एनरोलमेंट अभी भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डहोल्डर्स के लिए फ्री बेसिस पर उपलब्ध है। सरकार का मानना है कि इस योजना से पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार