दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ब्रैकीथेरेपी सेवा का सफल शुभारंभ
नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआई) ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ब्रैकीथेरेपी सेवाओं का सफल शुभारंभ किया है। यह सुविधा कैंसर रोगियों को अत्याधुनिक, सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संस्थान में गुरुवार को पहला ब्रैकीथेरेपी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जिसके साथ इस सेवा की शुरुआत हुई। सफल नैदानिक संचालन के बाद शुक्रवार से इस सेवा की औपचारिक घोषणा की गई है।
इस अवसर पर संस्थान की लिंक ऑफिसर टू डायरेक्टर डॉ सविता अरोरा ने कहा कि ब्रैकीथेरेपी केस का सफल निष्पादन हमारे संस्थान के लिए एक प्रेरक उपलब्धि है। इस सेवा के प्रारंभ होने से कैंसर रोगियों को सुरक्षित एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध होगा तथा उन्हें समग्र कैंसर देखभाल एक ही स्थान पर प्राप्त होगी।
क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख (एचओडी) डॉ. प्रज्ञा शुक्ला ने कहा, ब्रैकीथेरेपी आधुनिक रेडिएशन ऑन्कोलॉजी का एक अभिन्न हिस्सा है। डीएससीआई में यह सुविधा दोबारा उपलब्ध होने से अब कई मरीजों को अत्यंत सटीक, वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार यहीं मिल सकेगा और उन्हें इलाज के लिए अन्य केंद्रों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह सेवा अनुभवी रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट, रेडिएशन टेक्नोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य विशेषज्ञों की समर्पित टीम द्वारा संचालित की जाएगी।
डीएससीआई का उद्देश्य प्रत्येक रोगी को सुरक्षित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में 23 जून को डेंटल ओपीडी और 18 जून को दूसरी ओटी भी शुरू की गई है ताकि मरीजों में ज्यादातर सुविधायें संस्थान के अंदर ही मिल सके।
उल्लेखनीय है कि ब्रैकीथेरेपी एक रेडिएशन थेरेपी तकनीक है, जिसमें विकिरण स्रोत को ट्यूमर के भीतर अथवा उसके अत्यंत निकट स्थापित किया जाता है। इससे कैंसरग्रस्त ऊतकों (टिशू) पर अधिक प्रभावी रेडिएशन दिया जा सकता है, जबकि आसपास के स्वस्थ टिशू को न्यूनतम क्षति पहुंचती है। यह उपचार विशेष रूप से गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल), एंडोमेट्रियल, और अन्य चयनित कैंसरों के उपचार में अत्यंत प्रभावी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

