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बिहार में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी का किया शुभारंभ

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बिहार में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी का किया शुभारंभ


- गयाजी में 1,670 एकड़ में विकसित होगी औद्योगिक नगरी, 16,500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना- परियोजना से करीब 1.10 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद

गयाजी, 24 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया स्थित वेलकम होटल बाय आईटीसी में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार अब औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य में निवेश आकर्षित करने, आधारभूत संरचना मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश-दुनिया के लोगों को बिहार के प्रति अपनी सोच बदलने की जरूरत है। राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य औद्योगिक संभावनाओं को वास्तविक निवेश में बदलना और युवाओं को अपने प्रदेश में ही सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी, गयाजी को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एकेआईसी) के अंतर्गत लगभग 1,670 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में करीब 16,500 करोड़ रुपये के निवेश की क्षमता है। इसके माध्यम से लगभग एक लाख 10 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। राज्य में उद्योगों और आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसे जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं का विकास कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में देश का सबसे बड़ा बेवरेज बॉटलिंग प्लांट स्थापित हुआ है और स्टील प्लांट की स्थापना भी की जा रही है। ये परियोजनाएं राज्य में औद्योगिक निवेश की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि बिहार के युवा अपने प्रदेश में ही शिक्षा प्राप्त करें, कौशल विकसित करें और सम्मानजनक रोजगार हासिल करें। औद्योगिक विकास को कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार सृजन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी कम होगी। सरकार ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां बिहार के युवा अपने भविष्य का निर्माण कर सकें और देश-विदेश के निवेशक राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से निवेशकों को बिहार की औद्योगिक संभावनाओं, नीतिगत सुविधाओं, आधारभूत संरचना और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों से परिचित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपनी मातृभूमि के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार फाउंडेशन के माध्यम से 55 देशों में रहने वाले लोग राज्य से जुड़े हुए हैं। बिहार के लोगों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-दुनिया में पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रवासी बिहारी दुनिया के किसी भी हिस्से में कार्यरत हों, उन्हें अपनी मातृभूमि से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए। बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के माध्यम से राज्य की औद्योगिक क्षमता और निवेश की नई संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री सह गयाजी जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी