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जम्मू कश्मीर में काम कर रहे बिहार में अररिया के मजदूर को अरनिया पुलिस ने लिया हिरासत में, संदिग्ध गतिविधि में संलिप्तता का आरोप

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जम्मू कश्मीर में काम कर रहे बिहार में अररिया के मजदूर को अरनिया पुलिस ने लिया हिरासत में, संदिग्ध गतिविधि में संलिप्तता का आरोप


जम्मू कश्मीर में काम कर रहे बिहार में अररिया के मजदूर को अरनिया पुलिस ने लिया हिरासत में, संदिग्ध गतिविधि में संलिप्तता का आरोप


अररिया 01 अक्टूबर(हि.स.)। बिहार में अररिया जिले के कुर्साकांटा के सौरगांव के रहने वाले एक मजदूर को जम्मू कश्मीर में अरनिया पुलिस ने हिरासत में लिया और दो दिनों के पूछताछ के बाद पीआर बॉन्ड पर छोड़ा है। उन्हें कश्मीर पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों को लेकर हिरासत में लिया था।

अरनिया पुलिस को उसके मोबाइल से एक दर्जन से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों के नंबर मिले हैं। जिसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूछताछ में जुट गई है। कुर्साकांटा प्रखंड के सौरगांव में गुरुवार को इसकी जानकारी तब मिली,जब हिरासत में लिये गए ताराचंद सदा पिता डोंक सदा उर्फ डोरिक सदा की पत्नी ने घरवालों को फोन कर इसकी सूचना दी। ताराचंद 15 दिन पहले ही अपनी पत्नी और तीन बेटियों एवं एक बेटे के साथ जम्मू कश्मीर मजदूरी के लिए गया था।अरनिया सेक्टर में पुलिस चौकी के समीप झोपड़ीनुमा किराए के मकान में रहकर खेतों में धान काटने की मजदूरी कर रहा था। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ताराचंद सदा के मोबाइल में इन पाकिस्तानी नागरिकों के नंबर कैसे आया।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अरनिया थाना पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त के दौरान ताराचंद को संदिग्ध गतिविधि के आधार पर हिरासत में लिया। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की प्राथमिक जांच की तो उसमें 12 से अधिक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर मिले।जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने ताराचंद से पूछताछ शुरू की और मोबाइल फोन, संपर्कों, बातचीत और सीमावर्ती क्षेत्र में उसकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके मोबाइल में ये नंबर कैसे आए और इन नंबरों से उसका कोई संपर्क या बातचीत हुई थी अथवा नहीं।

इधर ताराचंद के हिरासत में लिए जाने की सूचना जब परिजनों को गांव में मिली तो सभी चिंतित हो गए। हालांकि बाद में उसकी पत्नी ने दोबारा परिजनों को बताया कि पूछताछ के बाद पुलिस ने ताराचंद को छोड़ दिया है और वह खेत में धान काटने चला गया है।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार को जिला मुख्यालय से विशेष जांच टीम ताराचंद के पैतृक गांव लवटोली पहुंची। टीम ने उसके घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और ताराचंद के जम्मू जाने, वहां रहने तथा उसके संपर्कों से संबंधित जानकारी जुटाई। ताराचंद का परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर बताया जाता है। उसके पिता डोरिक उर्फ डोंक सदा अररिया में ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ताराचंद चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। उसके बड़े भाई गुलाबचंद सदा, छोटे भाइयों लालचंद सदा और दिलचंद सदा भी अलग-अलग राज्यों में मजदूरी कर अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं।

परिजनों के अनुसार, परिवार के अधिकांश सदस्य रोजी-रोटी की तलाश में बिहार से बाहर जाकर मजदूरी करते हैं। इसी क्रम में ताराचंद भी पहली बार जम्मू-कश्मीर के अरनिया क्षेत्र में धान कटाई के लिए गया था।

फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि ताराचंद के मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबरों का वास्तविक स्रोत क्या है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी अनजान व्यक्ति, समूह या इंटरनेट आधारित संपर्क के माध्यम से ये नंबर उसके फोन में तो नहीं पहुंचे। साथ ही उसके मोबाइल की बातचीत, संपर्क और स्थान संबंधी जानकारी की भी जांच की जा रही है। दूसरी ओर फारबिसगंज के लवटोली गांव में विशेष जांच टीम द्वारा परिजनों से पूछताछ की गयी।

फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और सुरक्षा एजेंसियां यह स्पष्ट करने में जुटी हैं कि उसके मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबर सामान्य संपर्क का हिस्सा हैं या इसके पीछे कोई गंभीर कारण है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर