पश्चिम बंगाल में महाअष्टमी पर शराबबंदी के फैसले का भाजपा-विहिप ने किया स्वागत, कांग्रेस ने उठाए सवाल
कोलकाता, 08 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दुर्गापूजा की महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के फैसले का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने स्वागत किया है। वहीं, कांग्रेस ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था समेत अन्य गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि दुर्गापूजा राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी को ध्यान में रखते हुए 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। इस दौरान पब और बार में भी शराब उपलब्ध नहीं होगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि दुर्गापूजा के दौरान लोगों को संयम बरतने की जरूरत है। महाअष्टमी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है और इस दिन देवी को पुष्पांजलि अर्पित की जाती है। ऐसे में एक दिन के लिए शराबबंदी का निर्णय उचित है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने भी फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस और वाम मोर्चा सरकारों पर हिंदू भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। नायर ने कहा कि धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करने वाली सरकार के कार्यकाल में महाअष्टमी पर एक दिन शराब की दुकानें बंद रखने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि पूजा के दौरान जिस तरह भोजन की शुद्धता का ध्यान रखा जाता है, उसी तरह वातावरण को भी नशामुक्त रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है तथा भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के सामने कठिनाई आ सकती है।
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा बंगाल की आत्मा है और देशभर से लोग इस पर्व में शामिल होने पहुंचते हैं। शराब और शोर-शराबे से त्योहार की गरिमा नहीं बढ़ती।
दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यदि ऐसे फैसले किसी समुदाय को निशाना बनाने के उद्देश्य से लिए जा रहे हैं तो यह उचित नहीं है।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने इसे प्रतीकात्मक कदम बताते हुए भाजपा पर धर्म की आड़ में वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
सिन्हा ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों तथा पार्टी कार्यालयों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्रशासन की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक विषयों को सामने लाया जा रहा है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

