कांग्रेस नेताओं के बीच सत्ता संघर्ष के कारण कर्नाटक में विकास कार्य ठपः भाजपा
नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं के बीच सत्ता संघर्ष के कारण विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में शासन और विकास के बजाय मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष ही सरकार की पहचान बन गयी है।
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कर्नाटक की सरकार गुटबाजी, उत्तराधिकार की राजनीति और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं में उलझी रही, जबकि जनता से जुड़े मुद्दे पीछे छूट गए। इस आंतरिक खींचतान की वजह से राज्य में बुनियादी ढांचे पर खर्च में 5,229 करोड़ रुपये की कटौती हुई है और वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हुई है।
मालवीय ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि राज्य का राजकोषीय घाटा एक वर्ष में 46,623 करोड़ से बढ़कर 65,522 करोड़ रुपये हो गया, जबकि उधारी लगभग 63,000 करोड़ तक पहुंच गयी है। राजस्व घाटा भी 9,271 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्य ठप है और 3,140 से अधिक आधारभूत परियोजनाएं अधूरी हैं और आठ विभागों में ठेकेदारों के 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये का भुगतान नहीं हुआ है। स्थानीय निकाय चुनावों में देरी के कारण कर्नाटक को हर वर्ष लगभग 6,000 करोड़ रुपये के अनुदान से वंचित होना पड़ सकता है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार को प्रशासनिक पक्षाघात का शिकार बताते हुए कहा कि सरकार आंतरिक कलह में इतनी व्यस्त है कि सुशासन और जनकल्याण प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यदि यह स्थिति जारी रही तो 2028 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब जरूर देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

