स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव, कांग्रेस इसको स्वीकार करने से बच रहीः जेपी नड्डा
नई दिल्ली, 06 जून (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित करना उचित नहीं है। खरगे की जानकारी अधूरी और खतरनाक है। सिर्फ चुनिंदा आंकड़ों के आधार पर तस्वीर पेश करने के बजाय पूरे परिदृश्य को देखना चाहिए।
जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट में कहा कि कांग्रेस देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों को स्वीकार करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। एनएफएचएस -3 (2005-06) की तुलना में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रमुख संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
नड्डा ने कहा कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में पंजीकरण कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 43.9 से बढ़कर 76.2 हो गया है। वहीं संस्थागत प्रसव 38.7 से बढ़कर 90.6 प्रतिशत और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में होने वाले प्रसव 46.6 से बढ़कर 91.3 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि करोड़ों महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित प्रसव और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने का प्रमाण हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत की स्वास्थ्य यात्रा की वास्तविक कहानी निराशा नहीं, बल्कि निरंतर प्रगति और सुधार की है।
कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि वह देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों को स्वीकार करने से बच रही है। दशकों तक भारत कमजोर स्वास्थ्य सेवाओं, सीमित चिकित्सा पहुंच और कमजोर सेवा वितरण प्रणाली की चुनौतियों से जूझता रहा, जिसके प्रभाव कई पीढ़ियों तक दिखाई दिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े आज एक अलग तस्वीर पेश करते हैं। देश में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं, सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तृत हुआ है और कई प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं।
मंत्री नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं और केंद्र सरकार उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन देश में हुई प्रगति को नकारना उन लाखों आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और लाभार्थियों के योगदान का अपमान है, जिन्होंने इस बदलाव को संभव बनाया है।
उन्होंने कहा कि एनएफएचएस-3 (2005-06) की तुलना में पूर्ण टीकाकरण कवरेज बढ़कर 87.1 प्रतिशत हो गया है। वहीं स्वास्थ्य बीमा कवरेज 4.9 से बढ़कर 60.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है। महिलाओं द्वारा स्वच्छ मासिक धर्म सुरक्षा साधनों के उपयोग में भी वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 79.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
पार्टी ने कहा कि बच्चों में कुपोषण से जुड़ी स्टंटिंग की दर 48 से घटकर 29.3 प्रतिशत हो गई है, जो स्वास्थ्य और पोषण संबंधी योजनाओं के प्रभाव को दर्शाती है। ये परिणाम स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का नतीजा हैं।
भाजपा ने दावा किया कि ताजा स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े यह साबित करते हैं कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है और करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। पार्टी के अनुसार ये आंकड़े प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन से आए बदलाव की गवाही देते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

